आज से ‘पावरलैस’ हो जायेंगे सीएम-एमएलए, लाल बत्ती भी हटेगी

आज से सीएम और एमएलए पावरलैस हो जायेंगे, जी हां आज के बाद कोई नई नियुक्ति नहीं न ही कोई लाल बत्ती। जानिए ऐसा क्यों?आज से 'पावरलैस' हो जायेंगे सीएम-एमएलए, लाल बत्ती भी हटेगी

 पंजाब में आज से ठीक एक महीने बाद यानि 4 फरवरी को विधानसभा चुनाव है। ऐसे आज से पूरे राज्य में कोड ऑफ कंडक्ट यानि आदर्श आचार संहिता लागू हो गया है। तो आइए जानते हैं कि क्या है चुनाव आदर्श आचार संहिता और इस दौरान प्रत्याशी से लेकर पार्टी और सरकार पर क्या-क्या होती हैं पाबंदी?

 मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानि आदर्श आचार संहिता प्रत्याशियों और राजनीतिक पार्टियों के दिशानिर्देश के लिए वे नियम हैं जिसका चुनाव के दौरान पालन करना जरूरी होता है। मौटे तौर पर कहें तो चुनाव आदर्श आचार संहिता का मतलब है कि देश की कोई भी सरकार (केंद्र या राज्य), मंत्री या अधिकारी नई योजना की शुरुआत नहीं कर सकती यानि नए एलान नहीं कर सकते।

 सरकारी गाड़ी या एयर क्राफ्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते। सरकारी मशीनीरी का इस्तेमाल चुनावों के लिए नहीं होना चाहिए। किसी भी स्थिती में सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो।   प्रत्याशी या राजनीतिक पार्टी किसी निजी व्यक्ति की ज़मीन, बिल्डिंग, कंपाउंड वॉल का इस्तेमाल बिना इजाजत के नहीं कर सकते।
 प्रत्याशी और राजनीतिक पार्टी को रैली, जुलूस निकालने, मीटिंग करने के लिए इजाजत लेनी होगी और इसकी जानकारी पुलिस को देनी होगी। वोट पाने के लिए किसी भी स्थिति में जाति या धर्म आधारित अपील नहीं की जा सकती।
सरकार, मंत्री या अधिकारी चुनाव के एलान के बाद अपने मंज़ूर किए गए धन या अनुदान के अलावा अपने विवेक से कोई नया आदेश नहीं दे सकते यानी सीधे शब्दों में कहें कोई नई योजना शुरू नहीं कर सकते।

मस्जिद, चर्च, मंदिर या दूसरे धार्मिक स्थल का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के मंच के तौर पर नहीं किया जा सकता है। टरों को रिश्वत देकर, या डरा, धमकाकर वोट नहीं मांग सकते। प्रचार के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हो सकता।

 

You May Also Like

English News