आज हैं अशोक कुमार की पुण्यतिथि, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से…

विराट-अनुष्का की शादी की शुरू हुई रस्में, देखे वेन्यू की ये शानदार तस्वीरेंबिहार के भागलपुर शहर के आदमपुर मोहल्ले में 13 अक्टूबर, 1911 को पैदा हुए अशोक कुमार उर्फ दादामुनि सभी भाई-बहनों में बड़े थे। उनके पिता कुंजलाल गांगुली मध्य प्रदेश के खंडवा में वकील थे। लगभग छह दशक भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले अशोक कुमार 10 दिसंबर, 2001 को इस दुनिया को अलविदा बोल गए।आज हैं अशोक कुमार की पुण्यतिथि, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से...ऐसे मनाया रानी मुखर्जी ने बेटी का बर्थडे, करीना के बेटे तैमूर ने की खूब की मस्ती

अशोक कुमार जब पहली बार फिल्मी दुनिया में आए, तब उनकी महीने की तनख्वाह पछत्तर रुपये थी। उन दिनों की याद करते हुए अशोक ने एक बार अपने परम मित्र सआदत हसन मंटो को बताया था, ‘बाई गॉड, तनख्वाह में इस बढ़ोतरी से मेरी हालत सच में अजीबो-गरीब हो गई थी।’

ढाई सौ रुपये!  दफ्तर के खजांची से जब पहली बार मैंने इतनी रकम ली, तो मेरे हाथ अचानक कांपने लगे थे। समझ में नहीं आता था कि इतने सारे रुपये मैं आखिर रखूंगा कहां? 

अशोक कुमार ने कहा, ‘मेरा घर कोई आलीशान मकान नहीं, छोटा सा क्वार्टर भर था। एक चारपाई थी, दो तीन टीन की कुर्सिया होंगी और फिर घर के चारों ओर बेतरतीब फैला हुआ जंगल।’ उन्होंने कहा, ‘रात के अंधेरे में अगर कोई चोर आ जाए और उसे इस बात का पता चल जाए कि मेरे पास इतने सारे रुपये हैं तो मेरी क्या हालत होगी, मैं यही सोचने में लगा हुआ था।’ 

अशोक कुमार ने घर लौटते ही बहुत सारी स्कीमें बना डालीं। फिर वहां पहुंचते ही उन नोटों को मैंने अपनी चारपाई के नीचे बिछी दरी के नीचे छिपा दिया। उन्होंने बताया, ‘सारी रात मुझे डरावने सपने आते रहे। और सवेरे सोकर उठने के बाद जो पहला काम मैंने किया वह था उन रुपयों को वहां से उठा कर डाकखाने में जमा करने का- सच में!’

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