आज है अंगारक चतुर्थी, राशि के अनुसार ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा

जब भी हम किसी खास काम या फिर किसी नए काम की शुरुआत करते हैं तो सबसे पहले भगवान गणेश जी को याद करते हैं. गौरतलब है कि चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है वही अंगारक चतुर्थी का ख़ास महत्व बताया गया है.जब भी हम किसी खास काम या फिर किसी नए काम की शुरुआत करते हैं तो सबसे पहले भगवान गणेश जी को याद करते हैं. गौरतलब है कि चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है वही अंगारक चतुर्थी का ख़ास महत्व बताया गया है.  शास्त्रों के मुताबिक़ जो चतुर्थी मंगलवार के दिन आती है उसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है और इस बार अंगारक चतुर्थी 31 जुलाई यानी आज है. अगर इस दिन आप अपनी राशि के अनुसार भगवान गणपति जी की आराधना करते हैं तो आपके लिए ये बेहद ही शुभ होगा.     मेष राशि : इस राशि वाले लोग 'वक्रतुण्ड' रूप में गणेश जी की आराधना करें और 'गं' या 'ॐ वक्रतुण्डाय हूं' मंत्र की एक माला जप कर गुड़ का भोग लगाए.  वृषभ राशि : इस राशि के लोगों को 'शक्ति विनायक' रूप की आराधना करना चाहिए और गं' या 'ॐ हीं ग्रीं हीं' मंत्र की एक माला जपकर घी में मिश्री मिलाकर गणपति को भोग लगाए.  मिथुन राशि : मिथुन राशि वाले गणेशजी की आराधना 'लक्ष्मी गणेश' के रूप में करें.  कर्क राशि : कर्क राशि वाले लोगों को 'वक्रतुण्ड' रूप में गणेशजी की पूजा करना चाहिए साथ ही 'ॐ वरदाय न:' या 'ॐ वक्रतुण्डाय हूं' मन्त्र का जाप करें.     सिंह राशि : सिंह राशि वाले लोगों को 'लक्ष्मी गणेश' रूप में गणेशजी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.  कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों को भी गणेशजी के 'लक्ष्मी गणेश' रूप का ध्यान करना चाहिए. इसके अलावा भी पूजन के दौरान दुर्वा के 21 जोड़े अर्पित करें साथ ही 'ॐ चिंतामण्ये नम:' के मंत्र का जाप करें.

शास्त्रों के मुताबिक़ जो चतुर्थी मंगलवार के दिन आती है उसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है और इस बार अंगारक चतुर्थी 31 जुलाई यानी आज है. अगर इस दिन आप अपनी राशि के अनुसार भगवान गणपति जी की आराधना करते हैं तो आपके लिए ये बेहद ही शुभ होगा.

मेष राशि : इस राशि वाले लोग ‘वक्रतुण्ड’ रूप में गणेश जी की आराधना करें और ‘गं’ या ‘ॐ वक्रतुण्डाय हूं’ मंत्र की एक माला जप कर गुड़ का भोग लगाए.

वृषभ राशि : इस राशि के लोगों को ‘शक्ति विनायक’ रूप की आराधना करना चाहिए और गं’ या ‘ॐ हीं ग्रीं हीं’ मंत्र की एक माला जपकर घी में मिश्री मिलाकर गणपति को भोग लगाए.

मिथुन राशि : मिथुन राशि वाले गणेशजी की आराधना ‘लक्ष्मी गणेश’ के रूप में करें.

कर्क राशि : कर्क राशि वाले लोगों को ‘वक्रतुण्ड’ रूप में गणेशजी की पूजा करना चाहिए साथ ही ‘ॐ वरदाय न:’ या ‘ॐ वक्रतुण्डाय हूं’ मन्त्र का जाप करें.

सिंह राशि : सिंह राशि वाले लोगों को ‘लक्ष्मी गणेश’ रूप में गणेशजी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों को भी गणेशजी के ‘लक्ष्मी गणेश’ रूप का ध्यान करना चाहिए. इसके अलावा भी पूजन के दौरान दुर्वा के 21 जोड़े अर्पित करें साथ ही ‘ॐ चिंतामण्ये नम:’ के मंत्र का जाप करें.

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