आतंकियों की धरपकड़ के लिए चलाया कासो, हिंसा में दो घायल

दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शुक्रवार को सुरक्षाबलों की ओर से घेराबंदी कर चलाए गए तलाशी अभियान (कासो) के दौरान हिंसा पर उतारू आतंकी समर्थकों ने पथराव कर दिया। भीड़ को खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों को भी बल प्रयोग करना पड़ा।दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शुक्रवार को सुरक्षाबलों की ओर से घेराबंदी कर चलाए गए तलाशी अभियान (कासो) के दौरान हिंसा पर उतारू आतंकी समर्थकों ने पथराव कर दिया। भीड़ को खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों को भी बल प्रयोग करना पड़ा।   इस दौरान गोली लगने से दो पत्थरबाज घायल हो गए।सुरक्षाबलों को दोपहर को पता चला कि आतंकियों का एक दल नमाज ए जुम्मा अदा करने शोपियां के टुकरू-टेंगवन गांव आया है। सुरक्षाबलों ने गांव में पहुंचकर आतंकियों को पकड़ने के लिए कासो शुरू किया, लेकिन युवकों ने इसका विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।  उन्होंने सुरक्षाबलों को घेराबंदी हटाने और गांव से बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने कासो जारी रखा। इस पर नारेबाजी कर रहे युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। बताया जाता कि सुरक्षाबलों ने पहले तो संयम बनाए रखा, लेकिन जब पथराव कर रहे युवकों ने सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करते हुए उनके हथियार छीनने का प्रयास किया तो उन्होंने लाठियों और आंसूगैस का इस्तेमाल किया।   आतंकियों को पकड़ने को छह जगह चलाए कासो यह भी पढ़ें हिंसा के दौरान गोली लगने से दो युवक फैयाज अहमद पडर और जहांगीर अहमद बट जख्मी हो गए। पुलिस ने हिंसक तत्वों पर सुरक्षाबलों द्वारा गोली चलाए जाने से इन्कार किया है। इस बीच, राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल के जवानों और सीआरपीएफ के अलग-अलग संयुक्त कार्यदलों ने श्रीनगर में अल-शारिक कॉलोनी छत्ताबल, बटमालू के बारापथर, कानीकदल, जीरो ब्रिज आरमवारी और आरिपोरा जेवन में आतंकी गतिविधियों की सूचना पर कासो चलाए।  श्रीनगर में किसी भी जगह कासो के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। इन इलाकों में आतंकियों के सभी संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि बटमालू और जेवन से दो युवकों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

इस दौरान गोली लगने से दो पत्थरबाज घायल हो गए।सुरक्षाबलों को दोपहर को पता चला कि आतंकियों का एक दल नमाज ए जुम्मा अदा करने शोपियां के टुकरू-टेंगवन गांव आया है। सुरक्षाबलों ने गांव में पहुंचकर आतंकियों को पकड़ने के लिए कासो शुरू किया, लेकिन युवकों ने इसका विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

उन्होंने सुरक्षाबलों को घेराबंदी हटाने और गांव से बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने कासो जारी रखा। इस पर नारेबाजी कर रहे युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। बताया जाता कि सुरक्षाबलों ने पहले तो संयम बनाए रखा, लेकिन जब पथराव कर रहे युवकों ने सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करते हुए उनके हथियार छीनने का प्रयास किया तो उन्होंने लाठियों और आंसूगैस का इस्तेमाल किया।

हिंसा के दौरान गोली लगने से दो युवक फैयाज अहमद पडर और जहांगीर अहमद बट जख्मी हो गए। पुलिस ने हिंसक तत्वों पर सुरक्षाबलों द्वारा गोली चलाए जाने से इन्कार किया है। इस बीच, राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल के जवानों और सीआरपीएफ के अलग-अलग संयुक्त कार्यदलों ने श्रीनगर में अल-शारिक कॉलोनी छत्ताबल, बटमालू के बारापथर, कानीकदल, जीरो ब्रिज आरमवारी और आरिपोरा जेवन में आतंकी गतिविधियों की सूचना पर कासो चलाए।

श्रीनगर में किसी भी जगह कासो के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। इन इलाकों में आतंकियों के सभी संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि बटमालू और जेवन से दो युवकों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

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