आतंकी खतरे के बीच अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था जम्मू से रवाना

जम्मू बेसकैंप से अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवानां हो चुका है. ये जत्था जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के नेत्तृव में कड़ी सुरक्षा के साथ रवाना हुआ है. पहलगाम और बालटाल के मार्ग में आंतकी हमले की संभावना है. कश्मीर में सालाना होने वाली अमरनाथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है. वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा पर आतंकवादी हमले की संभावना है.

आतंकी खतरे के बीच अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था जम्मू से रवाना

प्रशासन ने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम शामिल करने के साथ ही सुरक्षा पैमाने को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है. बता दें कि यह 40 दिन लंबी तीर्थयात्रा जम्मू से होगी शुरू होगी. जम्मू से गुफा तक का रास्ता 200 किलोमीटर की दूरी पर है. अमरनाथ की पवित्र गुफा दक्षिणी कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है. इस यात्रा के लिए 2.30 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है.

सीआरपीएफ और राज्य के कई डीआईजी को लिखा गया खत

पुलिस महानिरीक्षक मुनीर खान द्वारा सेना, सीआरपीएफ और राज्य के कई डीआईजी को लिखे गए खत में कहा गया है, ‘एसएसपी अनंतनाग से मिले खुफिया इनपुट के मुताबिक आतंकवादियों को 100 से 150 श्रद्धालुओं और करीब 100 पुलिस अधिकारियों की हत्या करने को कहा गया है.’ उन्होंने कहा कि कहा है, ‘इनपुट को एचयूएमआईएनटी (हयूमन इंटेलिजेंस) के तौर पर देखा गया है. आगे इसकी पुष्टि की जरूरत है.’ साथ ही उनका कहना है कि इस स्तर पर किसी आतंकवादी संगठन द्वारा हमले की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है.

उन्होंने ये भी कहा कि यात्रा दस्ते पर हमला गोलीबारी के रूप में हो सकती है, जिससे देश में सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है.बता दें कि ये खत वाट्सएप्प ग्रुप में भी शेयर हो रहे हैं. उन्होंने खत में यह भी पूछा है कि किसकी कॉपी लीक होकर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एस पी वैद ने कहा है कि किसी ने लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए इसे फैलाया है. पुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ को मिलाकर यहां 35,000 से 40,000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

यात्रा के लिए बड़ी मात्रा में की गई सुरक्षा व्यवस्था

सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक एस एन श्रीवास्तव ने कहा, ‘इस यात्रा को किसी भी घटना से बचाने के लिए बड़ी मात्रा में सुरक्षा व्यवस्था की गई है.’ खुफिया चेतावनी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- ‘मैं सार्वजनिक रूप से इस पर बात करना नहीं चाहूंगा लेकिन आप कश्मीर की स्थिति को जानते हैं. हमने खुफिया इनपुट के आधार पर मापदंड बनाए हैं और सुरक्षा का सही इंतजाम किया है.’

You May Also Like

English News