आतंकी संगठनों से है आरोपी हुर्रियत नेताओं का संबंध…

कश्मीर में आतंकी व अलगाववाद फैलाने के लिये पाकिस्तान से फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट पर संज्ञान के लिये अदालत ने एक फरवरी की तारीख तय की है। एनआईए ने कहा यह आरोपी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिये पाकिस्तान से पैसा लेते थे और इनके खिलाफ संज्ञान लेने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं। आतंकी संगठनों से है आरोपी हुर्रियत नेताओं का संबंध...पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश तरुण सेहरावत के समक्ष एनआईए के विशेष अधिवक्ता सिद्घार्थ लूथरा ने कहा यह आरोपी हुर्रियत के तीन धड़ों के सदस्य, पदाधिकारी व समर्थक हैं। यह लोग आतंकी व देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। यह आरोपी आतंकी गतिविधियों के लिये पाकिस्तान से पैसा लेते रहे हैं। 

एनआईए ने 18 जनवरी को चार्जशीट दाखिल की थी। एनआईए ने लश्कर के मुखिया हाफिज सईद व हिजबुल मुजाहीदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन को भी आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों में हुर्रियत नेता गिलानी के दामाद अलताफ शाह उर्फ फंटुश भी शामिल है। एजेंसी ने अपनी दलीलें पेश करते हुये कहा इन आरोपियों पर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) लगाया है क्योंकि यह प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े रहे हैं। इनमें शामिल आरोपी जहूर अहमद शाह वटाली ने अपनी कंपनी का इस्तेमाल पाकिस्तान से पैसा मंगाने के लिये किया। इस पहलू की जांच एनआईए कर रही है।
 

एनआईए के वकील ने इन आरोपियों की आतंकियों व पाकिस्तान उच्चायोगग से भी सांठगांठ है। इसके जरिये यह आरोपी लोगों को पढ़ाई के लिये विदेश भेजते हैं लेकिन वहां पर यह पढ़ाई के बजाय आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देने और फंडिंग का इंतजाम करते हैं। इनके खिलाफ मोबाइल, वाट्सऐप, ईमेल, सोशल मीडिया व हार्ड डिस्क समेत तमाम सबूत हैं जिससे आतंकी संगठनों से इनके जुड़े होने की पुष्टि होती है। 

वटाली ने वापस ली ईलाज कराने की अर्जी 

एजेंसी ने चार्जशीट में सईद व सलाउद्दीन के साथ आफताब अहमद शाह उर्फ शाहिद उल इस्लाम, अलताफ अहमद शाह उर्फ फंटुश, नईम अहमद खान, फारुक अहमद डार, मोहम्ममद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट उर्फ पीर सैफुल्लाह, हवाला डीलर जहूर अहमद शाह वटाली, कामरान यूसुफ व जावेद अहमद भटक को नामजद किया गया गया है। 

धीरज बेनीवाल- जहूर वटाली ने सुनवाई के दौरान अपनी अर्जी वापस ले ली। उसने अर्जी दायर कर निजी अस्पताल या एलएनजेपी में इलाज करवाने की मांग की थी। वटाली के वकीलों ने कहा पिछले पांच माह से उसके इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। एनआईए के वकील ने कहा उसे आरएमएल अस्पताल में भर्ती करवाकर जांच करवा लेते हैं। वटाली का कहना था कि उसे एलएनजेपी में भर्ती करवाया जाये जहां उसका बेटा डॉक्टर है। कोर्ट ने कहा उसे एम्स में भर्ती करवाकर जांच करवा लेते हैं और साथ में बेटे को भी भेज दिया जाये। इसके लिये वटाली के वकील तैयार नहीं हुये और अर्जी वापस ले ली। 

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