आयकर विभाग ने राम रहीम का किया बड़ा खुलासा, ऐसे किया था लाखों का काला धन सफेद…

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने नोटबंदी के दौरान लाखों का काला धन सफेद किया था। इसके लिए बाबा ने वो जुगाड़ लगाया कि आयकर विभाग भी चकरा गया। दरअसल, आयकर विभाग अब गुरमीत के पूरे गोरखधंधे की पड़ताल कर रहा है।आयकर विभाग ने राम रहीम का किया बड़ा खुलासा, ऐसे किया था लाखों का काला धन सफेद...वन-डे सीरीज की शुरुआत से पहले ही ऑस्ट्रेलिया को मोहम्मद शमी ने दी ये बड़ी चेतावनी……

प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपये से अधिक के कालाधन को चैरिटेबल ट्रस्ट में जमा कर सफेद करने के प्रमाण मिले हैं। आयकर अफसरों के मुताबिक बिना स्रोत बताए एक साथ कोई लाखों रुपये का दान नहीं कर सकता। ट्रस्ट के नाम पर जो अनियमितताएं सामने आ रही हैं, उनसे डेरे को आयकर में मिलने वाली छूट खत्म हो सकती है।

यह भी सामने आया है कि डेरे से संबंधित पांच चैरिटेबल ट्रस्ट हैं। इनके नाम पर आयकर विभाग के एक्ट 12-ए के तहत कर में छूट मिलती है। इन पांचों ट्रस्टों के खातों में 8 नवंबर के बाद लाखों का लेन-देन अलग-अलग तारीखों में हुआ है। आयकर विभाग इसकी स्क्रूटनी कर रहा है। इनमें शाह सतनाम जी वेलफेयर सोसायटी, शाह सतनाम ग्रीन फोर्स सोसायटी भी शामिल हैं।

बाबा की 50 से ज्यादा कंपनियां, फर्म और संस्थाएं

आयकर विभाग से छूट के संबंध में राम रहीम के पांच ट्रस्टों की जांच रोहतक में चल रही है। एक करोड़ से कम की छूट लेने वाली संस्थाओं की फाइलें रोहतक में जमा होती हैं। इससे अधिक की छूट पर लेन-देन का ब्योरा उपायुक्त कराधान आयकर विभाग के पास देना होता है।

आयकर विभाग की मानें तो राम रहीम ने कंपनी एक्ट के तहत 50 से अधिक फर्म, सोसायटियां रजिस्टर्ड करा रखी हैं। इनमें से चैरिटेबल के नाम पर आयकर छूट लेने वाली कंपनी का ही ब्योरा रीजन कार्यालय पर है। अन्य कंपनी की रिटर्न सिरसा व अन्य स्थानों पर भरा जाता है। इसलिए सभी जगहों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उपायुक्त सिरसा ने भी आयकर विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

इनके नाम पर ली जा रही थी छूट
शिक्षा के क्षेत्र में काम करना, गरीबों के हित में काम करना, मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण पर काम करना। इस छूट को लेने वाले को खर्च और मिलने वाले धन का पूरा ब्योरा देना होता है। इसमें गुप्त दान लेने का कोई प्रावधान नहीं है।

राजस्व को लगाया बड़ा चूना

चैरिटेबल ट्रस्ट की आड़ में राम रहीम ने अपनी अलग दुनिया बसा रखा थी। इसके नाम पर सिर्फ एग्रो और हेल्थ बिजनेस ही नहीं रियल इस्टेट और एंटरटेनमेंट उद्योग भी चल रहा था। होटल से लेकर रिसोर्ट तक की सुविधा थी। बिना रजिस्ट्री लाखों रुपये लेकर भक्तों को आवासीय परिसर दिए जा रहे थे।

आयकर विभाग की छूट पाने के लिए दिए जाने वाले ब्योरे में लापरवाही पाए जाने पर विभाग छूट सीमा समाप्त कर देता है। साथ ही कंपनी की ओर से 33 प्रतिशत तक की रिकवरी की जाती है।
– संजय थरेजा, चार्टेड अकाउंटेंट, रोहतक
 
मैं माह पहले ही यहां आया हूं। मुझे इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत आएगी तो जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
– नौरंग दास, जिला राजस्व अधिकारी, सिरसा

डेरे से जुड़ी हुई चैरिटेबल ट्रस्टों में हुए ट्रांजेक्शन की जांच विभाग कर रहा है। दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट तहत कार्रवाई की जाएगी।

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