इन चार जिलों ने ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ से फेरा मुंह, जानिए

प्रदेश के सबसे बड़े महिला सम्मान ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ में चार जिलों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। प्रत्येक जिले से सराहनीय कार्य करने वाली एक-एक महिला का नाम मांगा गया था। लेकिन, हैरत की बात है कि टिहरी, चमोली, चंपावत और पौड़ी ने नाम भेजे ही नहीं। यह हाल तब है जब पिछले दो वर्षो से यह पुरस्कार नहीं दिया जा रहा था और सभी जिलों से पुरस्कार देने की मांग उठाई जा रही थी। प्रदेश के सबसे बड़े महिला सम्मान 'तीलू रौतेली पुरस्कार' में चार जिलों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। प्रत्येक जिले से सराहनीय कार्य करने वाली एक-एक महिला का नाम मांगा गया था। लेकिन, हैरत की बात है कि टिहरी, चमोली, चंपावत और पौड़ी ने नाम भेजे ही नहीं। यह हाल तब है जब पिछले दो वर्षो से यह पुरस्कार नहीं दिया जा रहा था और सभी जिलों से पुरस्कार देने की मांग उठाई जा रही थी।   वर्ष 2018-19 के लिए बाल एवं महिला विकास निदेशालय की ओर से 13 महिलाओं के नामों की घोषणा कर दी गई है। इनमें चार जिलों से कोई नाम नहीं है। इनके बजाय देहरादून से दो और उत्तरकाशी और ऊधमसिंहनगर से एक-एक नाम अतिरिक्त चुना गया है। प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए जिलों से नाम नहीं भेजे जाने पर निदेशालय के अधिकारी भी हैरत में है।  निदेशालय की ओर से संबंधित जिले के विभागीय अधिकारियों से जवाब भी मांगा जा सकता है। पुरस्कार वितरण छह या सात जुलाई को संभावित है। यह है प्रक्रिया तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए सबसे पहले ब्लॉकों से एक-एक नाम जिलों में भेजे जाते हैं। जिले अपने-अपने ब्लॉकों के नामों से एक नाम का चयन कर निदेशालय को भेजते हैं। हर जिले से एक-एक नाम भेजा जाता है और 13 महिलाओं को पुरस्कार दिए जाते हैं।

वर्ष 2018-19 के लिए बाल एवं महिला विकास निदेशालय की ओर से 13 महिलाओं के नामों की घोषणा कर दी गई है। इनमें चार जिलों से कोई नाम नहीं है। इनके बजाय देहरादून से दो और उत्तरकाशी और ऊधमसिंहनगर से एक-एक नाम अतिरिक्त चुना गया है। प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए जिलों से नाम नहीं भेजे जाने पर निदेशालय के अधिकारी भी हैरत में है।

निदेशालय की ओर से संबंधित जिले के विभागीय अधिकारियों से जवाब भी मांगा जा सकता है। पुरस्कार वितरण छह या सात जुलाई को संभावित है। यह है प्रक्रिया तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए सबसे पहले ब्लॉकों से एक-एक नाम जिलों में भेजे जाते हैं। जिले अपने-अपने ब्लॉकों के नामों से एक नाम का चयन कर निदेशालय को भेजते हैं। हर जिले से एक-एक नाम भेजा जाता है और 13 महिलाओं को पुरस्कार दिए जाते हैं।

 

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