इन देशों में उगाया जाता है पानी

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी की भी खेती की जा सकती है। अरे चौंकिए मत, ये सच है। जहां ऐसा कहा जा रहा है कि दुनिया में तृतीय विश्वयुद्ध पानी को लेकर होगा, वहीं कुछ देश ऐसे हैं, जहां पर पानी की खेती की जाती है। इन देशों में रेगिस्तानी इलाकों में पानी उपजाने का काम किया जा रहा है, ताकि वहां की जनता को पानी मिल सके। पेरू— पेरू में एक शहर है लीमा। यह शहर रेगिस्तान पर बसा हुआ है और इसके 20 लाख लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ये लोग भी जाल से कोहरे को पकड़कर पानी बना रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि पानी बनाकर वह उसे नई तकनीकों से फिल्टर कर लेते हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी मिलता है। इससे यहां पीने का पानी तो मिला ही अब लोग खेती भी करने लगे हैं।   इजरायल— इजरायल के लोग हवा को निचोड़कर पानी बनाते हैं। 1950 से हरित क्रांति के बाद इस देश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इजरायल ने ऐसी प्लास्ट्रिक ट्रे बनाई हैं, जिससे हवा में से ओस की बूंदे   इकट्ठा की जा सकती हैं और उससे पानी बनाया जाता है। इतना ही नहीं यह ट्रे पेड़ों के पास लगाने से उनकी पानी की जरूरत को भी पूरा किया जाता है।

मोरक्को— मोरक्को एक ऐसा ही देश है। उत्तरी अफ्रीका के इस देश के लोगों ने रेगिस्तान में पानी की खेती करने का अनूठा काम किया है। इस अनूठी तरकीब से इस देश के करीब 400 लोगों को पानी मुहैया हुआ है। यह लोग बंजर टीलों पर बड़े जाल लगाकर कोहरे को पकड़ने का काम करते हैं और फिर पाइप के जरिए कोहरे के कणों को कुओं में पहुंचा देते हैं। ये कण ठंडे होते हैं और पानी में बदल जाते हैं। यहां इस तकनीक से न केवल लोगों को पीने का पानी मिल रहा है, बल्कि उससे यहां पेड़—पौधे भी उगाए गए हैं। 

पेरू— पेरू में एक शहर है लीमा। यह शहर रेगिस्तान पर बसा हुआ है और इसके 20 लाख लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ये लोग भी जाल से कोहरे को पकड़कर पानी बना रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि पानी बनाकर वह उसे नई तकनीकों से फिल्टर कर लेते हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी मिलता है। इससे यहां पीने का पानी तो मिला ही अब लोग खेती भी करने लगे हैं। 

इजरायल— इजरायल के लोग हवा को निचोड़कर पानी बनाते हैं। 1950 से हरित क्रांति के बाद इस देश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इजरायल ने ऐसी प्लास्ट्रिक ट्रे बनाई हैं, जिससे हवा में से ओस की बूंदे   इकट्ठा की जा सकती हैं और उससे पानी बनाया जाता है। इतना ही नहीं यह ट्रे पेड़ों के पास लगाने से उनकी पानी की जरूरत को भी पूरा किया जाता है।  

 

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