इन फिल्मों को देखकर, आपको भी याद आ जाएंगे आपके टीचर्स

2005 में आई फिल्म रानी मुखर्जी और अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘ब्लैक’ में अमिताभ बच्चन के किरदार का नाम Debraj Sahai था. जो एक बहरी, अंधी और म्यूट लड़की मिशेल(रानी) की पढ़ाई के लिए उसका साथ देते हैं.

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2009 में आई ‘3 इडियट्स’ फिल्म में बोमन ईरानी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल का किरदार निभाते दिखे, जो जिंदगी को रेस का हिस्सा मानता है और छात्रों पर पढ़ाई के लिए दबाव बनाता है. उसकी नजर में डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही सब कुछ है. इसके बाद टीचर्स के इस पुराने दृष्टिकोण पर सवाल उठे और लर्निंग प्रोसेस को महत्‍वपूर्ण माना गया.

2005 में आई फिल्म ‘इकबाल’ में नसीरुद्दीन शाह एक पूर्व क्रिकेटर की भूमिका निभाते हैं जो एक गूंगे, बहरे लड़के ‘इकबाल’ को क्रिकेट खेलने की शिक्षा देते हैं.

2007 में आई फिल्म तारे जमीं पर में आमिर खान के राम शंकर निकुंभ का किरदार आज भी याद किया जाता है. जिसमें वह ऐसे बच्चे के अंदर टैलेंट उजागर करते हैं जिसे सब मंदबुद्धि कहते हैं.

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2007 में आई फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में शाहरुख खान का किरदार कोई कैसे भुल सकता है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम के लिए एक कोच का किरदार निभाया था.

2004 में आई फिल्म ‘स्वदेस’ में गायत्री जोशी ने फिल्म में गीता के रूप में एक आदर्श टीचर की भूमिका निभाई थी. वह साधारण तरीके से रहती थी और गांव में बच्चों को पढ़ाती थी. उसे अपनी मातृभूमि से प्यार था. यह किरदार जिंदगी के काफी करीब था.
 

 

 

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