इन 5 तरह के लोगों का खून ज्‍यादा पीते हैं मच्‍छर, जानें क्‍यों

जीका, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्‍छर या इस प्रजाति के जीवों के काटने या संक्रमण से फैलती हैं। और इन जीवों का बसेरा आपके आस-पास फैली गंदगी और गंदे पानी में होता है। मच्‍छर जब मनुष्‍यों के संपर्क में आते हैं या काटते हैं तो कई तरह की जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। आमतौर पर तो मच्‍छर हर किसी को काटते हैं, मगर एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि 20 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं जो मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं, यानी ऐसे लोगों को पहले अपना निशाना बनाते हैं। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि कुछ लोगों को मच्‍छर ज्‍यादा क्‍यों काटते हैं।जीका, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्‍छर या इस प्रजाति के जीवों के काटने या संक्रमण से फैलती हैं। और इन जीवों का बसेरा आपके आस-पास फैली गंदगी और गंदे पानी में होता है। मच्‍छर जब मनुष्‍यों के संपर्क में आते हैं या काटते हैं तो कई तरह की जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। आमतौर पर तो मच्‍छर हर किसी को काटते हैं, मगर एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि 20 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं जो मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं, यानी ऐसे लोगों को पहले अपना निशाना बनाते हैं। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि कुछ लोगों को मच्‍छर ज्‍यादा क्‍यों काटते हैं।    1. डार्क कलर के कपड़े देखकर काटते हैं मच्‍छर   आमतौर पर मच्‍छर किसी को देख कर या फिर उसकी गंध से अपना शिकार बनाते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो मच्‍छर अधिक दृश्यमान हैं, खासकर दोपहर बाद अपनी तेज नजरों से मनुष्‍यों को खोजकर काटते हैं। जब आप डार्क कलर के कपड़े पहनते हैं खासकर नेवी ब्‍लू, ब्‍लैक और लाल रंग तो ऐसे लोगों को मच्‍छर असानी से खोज लेते हैं।  2. O ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों को निशाना बनाते हैं मच्‍छर खून मच्‍छरों के लिए सब कुछ होता है। सीधे तौर पर आप कह सकते हैं कि मच्‍छर के लिए खून अमृत है। वयस्‍क मच्‍छरों के लिए तो यह प्रोटीन का काम करते हैं मगर फीमेल मच्‍छर अंडे देने के लिए मनुष्‍य के खून में मौजूद प्रोटीन का पोषण प्राप्‍त करते हैं। तो इसमें आश्‍यर्च की बात नहीं है कि कुछ ब्‍लड टाइप मच्‍छरों को ज्‍यादा जरूरत होती है, जिन्‍हें वह अपना निशाना बनाते हैं। O ब्‍लड ग्रुप वाले लोग A ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं जबकि B ब्‍लड ग्रुप के लोगों को सामान्‍य रूप से काटते हैं।  3. कार्बन डाई ऑक्‍साइड गैस करती है आकर्षित   मच्‍छरों के पास इतनी समझ होती कि वह 166 फीट की दूर पर भी कॉर्बन डाई ऑक्‍साइड गैस को पहचान लेते हैं। इस गैस के प्रति मच्‍छर ज्‍यादा आकर्षित होते हैं। हम और आप अपनी श्‍वसन प्रणाली द्वारा ऑक्‍सीजन लेते हैं और कार्बन डाई ऑक्‍साइड छोड़ते हैं। यही कारण है कि मच्‍छर हमारे नाक के आसपास यानी सिर और कान के बाहर मंडराते रहते हैं। इसकी वजह ये गैस ही है।  इसे भी पढ़ें: आखिर क्यों पुरुषों से ज्यादा जीती हैं महिलाएं? ये रहे वैज्ञानिक कारण  4. गर्मी और पसीना भी है वजह कार्बन डाई ऑक्‍साइड के अलावा भी कुछ ऐसे घटक हैं जिनके कारण मच्‍छर हमारी ओर आकर्षित होते हैं। गर्मी के दिनों में शरीर से निकलने वाले पसीने से उत्‍सर्जित लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अमोनिया मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं। जिन लोगों को ज्‍यादा पसीना होता है, जैसे मेहनत करने वाले, जिम करने वाले या फिर गर्मी वाली जगहों पर रहने वाले लोगों को मच्‍छर ज्‍यादा काटते हैं।  इसे भी पढ़ें: प्रदूषण से होती हैं कई गंभीर बीमारियां, इस तरह रखें अपनी फैमिली का खयाल  5. प्रेग्‍नेंसी के दौरान एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि गर्भवती महिलाएं एक सामान्‍य महिला की तुलना में ज्‍यादा कार्बन डाई ऑक्‍साइड गैस रिलीज करती हैं जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंट महिला की तरह मच्‍छर ज्‍यादा आकर्षित होते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं का पेट आम दिनों की अपेक्षा अधिक गर्म होते हैं जो मच्‍छरों को आकर्षित करते हैं। यह भी मच्‍छरों के ज्‍यादा काटने की एक वजह है।

 डार्क कलर के कपड़े देखकर काटते हैं मच्‍छर  

आमतौर पर मच्‍छर किसी को देख कर या फिर उसकी गंध से अपना शिकार बनाते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो मच्‍छर अधिक दृश्यमान हैं, खासकर दोपहर बाद अपनी तेज नजरों से मनुष्‍यों को खोजकर काटते हैं। जब आप डार्क कलर के कपड़े पहनते हैं खासकर नेवी ब्‍लू, ब्‍लैक और लाल रंग तो ऐसे लोगों को मच्‍छर असानी से खोज लेते हैं।

 O ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों को निशाना बनाते हैं मच्‍छर

खून मच्‍छरों के लिए सब कुछ होता है। सीधे तौर पर आप कह सकते हैं कि मच्‍छर के लिए खून अमृत है। वयस्‍क मच्‍छरों के लिए तो यह प्रोटीन का काम करते हैं मगर फीमेल मच्‍छर अंडे देने के लिए मनुष्‍य के खून में मौजूद प्रोटीन का पोषण प्राप्‍त करते हैं। तो इसमें आश्‍यर्च की बात नहीं है कि कुछ ब्‍लड टाइप मच्‍छरों को ज्‍यादा जरूरत होती है, जिन्‍हें वह अपना निशाना बनाते हैं। O ब्‍लड ग्रुप वाले लोग A ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं जबकि B ब्‍लड ग्रुप के लोगों को सामान्‍य रूप से काटते हैं।

 कार्बन डाई ऑक्‍साइड गैस करती है आकर्षित  

मच्‍छरों के पास इतनी समझ होती कि वह 166 फीट की दूर पर भी कॉर्बन डाई ऑक्‍साइड गैस को पहचान लेते हैं। इस गैस के प्रति मच्‍छर ज्‍यादा आकर्षित होते हैं। हम और आप अपनी श्‍वसन प्रणाली द्वारा ऑक्‍सीजन लेते हैं और कार्बन डाई ऑक्‍साइड छोड़ते हैं। यही कारण है कि मच्‍छर हमारे नाक के आसपास यानी सिर और कान के बाहर मंडराते रहते हैं। इसकी वजह ये गैस ही है।

 गर्मी और पसीना भी है वजह

कार्बन डाई ऑक्‍साइड के अलावा भी कुछ ऐसे घटक हैं जिनके कारण मच्‍छर हमारी ओर आकर्षित होते हैं। गर्मी के दिनों में शरीर से निकलने वाले पसीने से उत्‍सर्जित लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अमोनिया मच्‍छरों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं। जिन लोगों को ज्‍यादा पसीना होता है, जैसे मेहनत करने वाले, जिम करने वाले या फिर गर्मी वाली जगहों पर रहने वाले लोगों को मच्‍छर ज्‍यादा काटते हैं।

 प्रेग्‍नेंसी के दौरान

एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि गर्भवती महिलाएं एक सामान्‍य महिला की तुलना में ज्‍यादा कार्बन डाई ऑक्‍साइड गैस रिलीज करती हैं जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंट महिला की तरह मच्‍छर ज्‍यादा आकर्षित होते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं का पेट आम दिनों की अपेक्षा अधिक गर्म होते हैं जो मच्‍छरों को आकर्षित करते हैं। यह भी मच्‍छरों के ज्‍यादा काटने की एक वजह है।

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