इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की जनता की आंखों में धूल झोंकी!

क्या आपने किसी ऐसे प्रधानमंत्री का नाम सुना है, जो हर रोज़ अपने घर से प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच की 15 किलोमीटर की दूरी, सड़क पर गाड़ी से तय करने के बजाए, Helicopter से तय करे ? और इसके लिए वो हर रोज़ क़रीब 4 लाख 90 हज़ार रुपये से ज़्यादा का खर्च करे? आप भी कहेंगे, कि ऐसा प्रधानमंत्री या तो कोई सनकी इंसान होगा या फिर वो V.I.P कल्चर के नशे में डूबा हुआ होगा.इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की जनता की आंखों में धूल झोंकी!

पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने से पहले और बनने के बाद, हर मौके पर इमरान ख़ान ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें कहीं थीं. पाकिस्तान की नई सरकार ने फिज़ूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए Airports पर नेताओं, जजों और सैन्य अधिकारियों सहित ‘प्रभावशाली लोगों’ के Vip Treatment पर रोक लगा दी. इस तरह इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की जनता को ये बताने की कोशिश की, कि अब पाकिस्तान की जनता ही VIP होगी. लेकिन पर्दे के पीछे का सच ये है, कि इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है. 

इमरान ख़ान को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बने हुए 13 दिन बीत चुके हैं. इस दौरान वो अपने घर से Prime Minister House तक, हेलीकॉप्टर में गए और वापस आए. पाकिस्तान के मीडिया के मुताबिक वहां एक हेलिकॉप्टर को किराये पर लेने का खर्च करीब 4 हज़ार डॉलर प्रति घंटा है, अगर उन्होंने Helicopter को हर रोज़ सिर्फ एक घंटे के लिए भी किराए पर लिया होगा, तो उन्होंने उस पर सिर्फ 13 दिन के अंदर क़रीब 64 लाख पाकिस्तानी रुपये खर्च कर दिए होंगे. पाकिस्तान के Information Minister ने इमरान ख़ान द्वारा Helicopters के इस्तेमाल पर कुछ दिनों पहले एक टिप्पणी की थी. 

उन्होंने कहा था, कि पाकिस्तान की सरकार के पास सिर्फ दो रास्ते हैं.पहला रास्ता ये, कि इमरान खान के घर से Prime Minister House तक जाने वाली हर सड़क को बंद कर दिया जाए. अगर ऐसा हुआ, तो पाकिस्तान की आम जनता को तकलीफ होगी. और दूसरी दलील ये दी गई थी, कि जनता को परेशानी ना हो, इसलिए बेहतर होगा, कि इमरान ख़ान अपने घर से Prime Minister House तक जाने के लिए Helicopter का इस्तेमाल करें.और इसी के बाद पाकिस्तान के Experts, इमरान खान के खर्चों का गुणा-भाग करने में जुट गए. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इमरान ख़ान, आम तौर पर अपने देश में Princely Jets नामक प्राइवेट कंपनी की सर्विस लेते हैं. जिसके पास तीन छोटे और Single-Engine Helicopters हैं.

इन Helicopters की सर्विस लेने के लिए प्रति घंटे 4 लाख 90 हज़ार रुपये से ज़्यादा का किराया देना पड़ता है. और अगर इसे प्रति मिनट के हिसाब से देखें, तो ये खर्च पाकिस्तानी करेंसी में 8 हज़ार 200 रुपये प्रति मिनट से ज़्यादा का होता है. Aviation Experts के मुताबिक, एक Single-Engine Helicopter, एक मिनट में तीन किलोमीटर की दूरी तय करता है. इसका मतलब ये हुआ, कि प्रति किलोमीटर ढाई हज़ार रुपये से ज़्यादा का खर्च आता है. दिलचस्प बात ये है, कि इमरान ख़ान घर से ऑफिस और ऑफिस से घर जाने के लिए Single-Engine नहीं, बल्कि 15 सीटों वाले Double-Engine हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं. जिसका उड़ान का खर्च 6500 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोमीटर है.

इन सबके बीच दिलचस्प बात ये है, कि पाकिस्तान की सरकार को और खुद इमरान ख़ान को इस VIP सोच का मलाल नहीं है. पाकिस्तान के Information Minister, फवाद चौधरी तो ये भी कह रहे हैं, कि हेलीकॉप्टर से आने- जाने का खर्चा सिर्फ 55 रूपये प्रति किलोमीटर है. और इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई.उदाहरण के तौर पर किसी ने लिखा, कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Helicopter Auto Rickshaw में सवार होकर अपने घर से PM House जा रहे हैं. ऐसे बहुत सारे Messages, सोशल मीडिया पर मज़ाक का विषय बने हुए हैं. हालांकि, इस विषय में मज़ाक कम, गंभीरता ज़्यादा है. क्योंकि, इससे नेताओं के दिल में छिपी VIP सोच का खुलासा होता है. 

वैसे दिलचस्प बात ये है, कि VIP कल्चर को लेकर जितना उत्साह एशिया में दिखाई देता है, उतना पश्चिमी देशों में नहीं दिखता. उदाहरण के तौर पर कल की ये तस्वीर देखिए. जिसमें Denmark के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, डेनमार्क की राजधानी Copenhagen में एक साथ साइकिल चला रहे थे. ये मौका था, दुनिया की सबसे बड़ी Cycling Race, Tour de France को Promote करने का. और ये दोनों नेता चाहते, तो आराम से अपनी महंगी गाड़ियों में बैठकर, जा सकते थे. लेकिन, उन्होंने किसी Luxury कार को नहीं, बल्कि साधारण सी दिखने वाली साइकिल को चुना. 

ठीक इसी तरह, Netherlands के प्रधानमंत्री Mark Rutte भी अपने ऑफिस तक जाने के लिए साइकिल का ही इस्तेमाल करते हैं. वो खुद अपनी साइकिल को Park करते हैं, उसे Lock करते हैं. और काम ख़त्म हो जाने के बाद इसी साइकिल से घर वापस लौटते हैं. 

एक और यूरोपीय देश स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री Olof Palme की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वो फ़रवरी, 1986 में सिनेमा हॉल से एक फिल्म देखकर पैदल वापस लौट रहे थे. इस घटना के 17 साल बाद, 11 सितंबर 2003 को, स्वीडन की विदेश मंत्री Anna Lindh को भी एक डिपार्टमेंटल स्टोर में ख़रीदारी करते वक्त एक व्यक्ति ने चाकू मार दिया था. लेकिन इसके बाद भी वहां पर महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जुनून नहीं देखा जाता. वहां काफ़िला लेकर चलने का कल्चर नहीं है.

अमेरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार वॉशिंगटन और दूसरे शहरों के प्रमुख Restaurants में खाना खाया है. वो कई बार वॉशिंगटन में अपने परिवार के साथ खाना खाते देखे गए हैं. वो भी बिना किसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के. अभी ज्यादा दिन नहीं बीते, जब ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अपने प्रधानमंत्री काल के आख़िरी दिन, खुद अपने हाथों से ट्रक पर अपना टेलीविज़न लादते हुए देखे गए थे. भारत और पाकिस्तान जैसे देशों में इस आचरण की Entry में अभी और समय लगेगा.

वैसे तो ये ख़बर, पाकिस्तान की जड़ों में मौजूद VIP कल्चर और वहां के नेताओं की फिज़ूलखर्ची पर है. लेकिन, भारत का आम नागरिक होने के नाते, आप भी इस ख़बर से खुद को जोड़ पाएंगे. क्योंकि, भारत भी दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां के लोगों में और ख़ास तौर पर नेताओं में खुद को VIP कहलवाने का नशा है. वैसे हमारे देश में VIP सिर्फ नेता ही नहीं होते. इस श्रेणी में वो लोग भी शामिल हैं, जो गाड़ी पर स्टिकर चिपकाकर और लाल बत्ती लगाकर खुद को VIP साबित करने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोगों की कोशिश होती है, कि आम लोगों को ये अहसास दिलाया जाए, कि वो कोई मामूली आदमी नहीं हैं. इमरान खान फिलहाल ये भूल गए हैं, कि राजनीति की Innings में अगर शुरूआत में ही आप Clean Bowled हो गए, तो फिर वापसी की गुंजाईश बहुत कम हो जाती है.

भारत हो या पाकिस्तान. आमतौर पर इन दोनों ही देशों में कार और हेलीकॉप्टर्स को हमेशा सम्मान और रूतबे से जोड़ कर देखा जाता है. बहुत सारे लोग महंगी गाड़ियां और हेलीकॉप्टर्स देखकर ये तय कर लेते हैं कि सामने वाले की हैसियत क्या है. और यही VIP कल्चर वाली समस्या की मूल वजह भी है. क्योंकि, किसी भी देश की जनता पर इस बात का बहुत असर पड़ता है कि उनके नेता….आम जीवन में किस तरह का व्यवहार करते हैं. और जिनके ऊपर VIP कल्चर को ख़त्म करने की ज़िम्मेदारी है, अगर वो ही VIP जैसा व्यवहार करने लगेंगे, तो आम जनता का क्या होगा 

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