इमेज मेकओवर में जुटे ट्रंप? अब पुतिन से मिलने की जताई इच्छा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि एक सख्त मिजाज के नेता के तौर पर मानी जाती है. अपने बयानों और विरोधियों पर सीधे वार वाले ट्वीट की वजह से चर्चा में भी रहते हैं. लेकिन ऐसा लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि सुधारने में लगे हुए हैं. कभी कट्टर दुश्मन रहे नॉर्थ कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मिलने के बाद अब ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल सकते हैं. अमेरिका और रूस के रिश्ते काफी तल्खी भरे रहते हैं और जब से ट्रंप आएं हैं उसके बाद से ये तल्खी और भी बढ़ी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि एक सख्त मिजाज के नेता के तौर पर मानी जाती है. अपने बयानों और विरोधियों पर सीधे वार वाले ट्वीट की वजह से चर्चा में भी रहते हैं. लेकिन ऐसा लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि सुधारने में लगे हुए हैं. कभी कट्टर दुश्मन रहे नॉर्थ कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मिलने के बाद अब ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल सकते हैं. अमेरिका और रूस के रिश्ते काफी तल्खी भरे रहते हैं और जब से ट्रंप आएं हैं उसके बाद से ये तल्खी और भी बढ़ी है.   दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि वह रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि रूस को सात औद्योगिक राष्ट्रों (G7) के समूह में फिर से शामिल होने की अनुमति देनी चाहिए. गौरतलब है कि एक लंबे विवाद के बाद रूस G7 से हट गया था.  जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह इस गर्मी में पुतिन से मुलाकात की योजना बना रहे हैं, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, संभव है कि हमारी मुलाकात होगी. ट्रंप ने पुतिन के साथ समझौते की लगातार इच्छा प्रकट की है.  ट्रंप ने क्रीमिया पर रूसी कब्जे के लिए अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा को दोषी ठहराया. उन्होंने दावा किया कि यह ओबामा की गलती थी क्योंकि पुतिन ओबामा का सम्मान नहीं करते थे.  आपको बता दें कि इससे पहले दोनों नेता बीते वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिल चुके हैं. उसके बाद  इसी साल मार्च में दोनों नेताओं ने फोन पर बात की थी, जिसके बाद से दोनों के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई है.  बताया जा रहा है कि ट्रंप और पुतिन की बैठक का एजेंडा तय करने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्री जल्द ही मुलाकात कर सकते हैं. आपको बता दें कि 12 जून को सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की ऐतिहासिक मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद व्लादिमीर पुतिन ने भी किम जोंग उन को अपने देश आने का न्योता दिया है.

दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि वह रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि रूस को सात औद्योगिक राष्ट्रों (G7) के समूह में फिर से शामिल होने की अनुमति देनी चाहिए. गौरतलब है कि एक लंबे विवाद के बाद रूस G7 से हट गया था.

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह इस गर्मी में पुतिन से मुलाकात की योजना बना रहे हैं, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, संभव है कि हमारी मुलाकात होगी. ट्रंप ने पुतिन के साथ समझौते की लगातार इच्छा प्रकट की है.

ट्रंप ने क्रीमिया पर रूसी कब्जे के लिए अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा को दोषी ठहराया. उन्होंने दावा किया कि यह ओबामा की गलती थी क्योंकि पुतिन ओबामा का सम्मान नहीं करते थे.

आपको बता दें कि इससे पहले दोनों नेता बीते वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिल चुके हैं. उसके बाद  इसी साल मार्च में दोनों नेताओं ने फोन पर बात की थी, जिसके बाद से दोनों के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई है.

बताया जा रहा है कि ट्रंप और पुतिन की बैठक का एजेंडा तय करने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्री जल्द ही मुलाकात कर सकते हैं. आपको बता दें कि 12 जून को सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की ऐतिहासिक मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद व्लादिमीर पुतिन ने भी किम जोंग उन को अपने देश आने का न्योता दिया है.

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