इसलिए बेहद जरूरी है कलीग्स के साथ अपनी पर्सनल लाइफ शेयर करना

‘दोस्ती’ शब्द सुनकर ही ऐसा लगता है मानों आधी से ज्यादा ज़िंदगी तो इसे में बसी हुई है हमारी..वहीं स्कूल, कॉलेज के बाद सिर्फ एक ऑफिस ही ऐसी जगह होती है जंहा हमे ढेर सारे दोस्त मिलते है. जिस तरह हमारें स्कूल, कॉलेज के दोस्त होते है ठीक उसी तरह ऑफिस के दोस्त भी हमारे जीवन में काफी महत्व रखते हैं. इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे है अपने सहकर्मियों के साथ एक अच्छा बॉन्ड‍ किस तरह बनाना होगा जो आपके लिए सबसे ज्यादा जरुरी है.इसलिए बेहद जरूरी है कलीग्स के साथ अपनी पर्सनल लाइफ शेयर करना

कुछ लोग ऐसे होते है जो अपनी पर्सनल बातें बहुत ही कम शेयर करते है. खासकर ऑफिस के दोस्तों से तो बिलकुल भी नहीं क्योकि, उन्हें ऑफिस के लोगों से इस तरह की बातें शेयर करना पसंद नहीं होता है. अगर आप भी ऐसा करते है तो आप गलत है क्योकि, जरुरी नहीं जिस तरह आप उनके प्रति जैसी सोच रख रहे हो वे वैसे ही हो. इसलिए आप अपने ऑफिस कलीग से भी उसी तरह से बातें करे जैसे आप अपने स्कूल और कॉलेज के दोस्तों के साथ करते है. इसके अलावा सहकर्मी के साथ ऑफिस के काम को भी शेयर करें. ऐसा करने से आप दोनों के बीच अच्छी बॉन्ड‍िंग पैदा होगी.

हालांकि, ये बात सही है कि, ऑफिस में काम के दौरान बात करने का ज्यादा समय नहीं मिल पाता है, लेकिन जब भी खाली वक्त मिले एक दूसरे को जानने और बात करने की कोशिश करें. ध्यान रहे प्रोफेशनल लाइफ में खुद से मतलब रखना ठीक है लेकिन आप ये भी मत भूलिए कि, आपकी ये प्रोफेशनल लाइफ कहीं न कहीं आपकी पर्सनल लाइफ से भी जुड़ी हुई हैं. इसलिए अपने सहकर्मियों की परेशानी के बारे में पूछे और उनकी मदद करें. इससे आप एक दूसरे के अच्छे दोस्त तो बनेंगे ही साथ ही आपको ये अहसास होगा कि, आप किसी भी मुश्किल में अकेले नहीं है.

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