इस बड़ी वजह से अपने ही पिता का अंतिम संस्कार करने नहीं गए ये बड़े भारतीय खिलाड़ी…

एक दशक बाद आज चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत अपने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से भिड़ने जा रहा है। इस मैच के प्रति दीवानगी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे दुनिया में अब तक सबसे ज्यादा लोगों के द्वारा एक साथ देखा जाएगा।इस बड़ी वजह से अपने ही पिता का अंतिम संस्कार करने नहीं गए ये बड़े भारतीय खिलाड़ी...

जब वर्ल्‍डकप के दौरान सचिन तेंदुलकर को उनके पिता के निधन के बारे में बताया गया, तो क्या बोले वो…

भारत-पाकिस्तान के इस मैच में सबकी निगाह भारतीय कप्तान विराट कोहली पर है और इसे अजब इत्तेफाक ही कहेंगे कि आज ही फादर्स डे है। आज के दिन हम आपको बता रहे हैं विराट कोहली और उनके पिता के जीवन से जुड़ी एक ऐसी घटना जो आपको झकझोर देगी और ये साबित कर देगी कि क्यों मात्र 28 साल के विराट कोहली आज देश के सबसे प्रतिभावान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं। 

ये बात है 18 दिसंबर 2016 की। दिल्ली के फिरोजशाह कोटल क्रिकेट मैदान पर दिल्ली और कर्नाटक के बीच रणजी मैच खेला जा रहा था। इसी मैच में दिल्ली की ओर से खेल रहे 18 साल के एक बच्चे ने कुछ ऐसा किया जिसने उसकी अपनी ही टीम नहीं बल्कि, विरोधियों को भी चौंका दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस घटना को फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
 

कर्नाटक ने पहले खेलते हुए अपनी पहली पारी में 446 रन का लक्ष्य रखा था। ‌उस दिन दिल्ली में जबरदस्त सर्दी पड़ रही थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम ने अपने शुरुआती पांच विकेट गंवा दिए थे। 
 

अब मैच में बने रहने और फॉलोऑन से बचने की जिम्मेदारी इसी 18 साल के युवा विराट कोहली पर थी। विराट के साथ टीम के विकेट कीपर पुनीत बिष्ट बैटिंग कर रहे थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर विराट ने अपना विकेट बचाए रखा था और वो 40 रन पर नॉटआउट थे। 
 

लेकिन दिल्ली को फॉलोऑन बचाने के लिए अभी भी लंबी दूरी तय करनी थी। दिल्ली टीम का स्कोर 103 रन था जिसमें अकेले विराट का योगदान 40 रन का था। अब सबकी निगाह तीसरे दिन के मैच पर टीकी थी।
 

लेकिन उस रात अचानक विराट के 54 वर्षीय पिता प्रेम कोहली को दिल का दौरा पड़ा और उनका देहांत हो गया। ये खबर जंगल में आग की तरह फैली और टीम के कोच को इसकी सूचना दी गई। कोच ने विराट को इस दुखद समाचार से अवगत कराया।
अब विराट के पास दो विकल्प थे। या तो वो अगले दिन सुबह अपने पिता का अंतिम संस्कार करने घर जाएं या दिल्ली को हार से बचाने के लिए मैदान में उतरें।
 

अगले दिन सुबह कोहली के बाद बैटिंग करने वाले चेतन्य नंदा को तैयार होने को कहा गया। लेकिन इससे पहले कि चेतन्य मैदान में उतरते सब ये देखकर चौंक गए कि विराट कोहली ड्रेसिंग रूम में है और अपने पैर में पैड बांधकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
 

मैदान में जब विरोधी दल ने विराट को मैदान में देखा तो उन्हें भी इस दृश्य को देखकर यकीन नहीं हुआ वो लड़की जिसके पिता का पिछली रात देहांत हो गया है वो आज सुबह मैदान में खेलने के लिए हाजिर है।
 

इस मैच में विराट ने 281 मिनट तक बल्लेबाजी की और 238 गेंदों का सामना करते हुए 90 रन बनाए। जब विराट आउट हुए तो उनकी टीम खतरे से बाहर थी। अब दिल्ली की टीम को फॉलोऑन बचाने के लिए केवल 36 रनों की जरूरत थी।
 

आउट होने के बाद दोपहर करीब 12 बचे विराट कोहली ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और अपने आउट होने का रिप्ले टीवी पर देखा। इसके बाद चुपचाप अपने पैड, ग्लब्स व हेलमेट उतारे और अपने पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए निकल पड़े।
 

इस एक घटना ने एक रात में ही 18 साल के इस युवा को एक परिपक्व और गंभीर खिलाड़ी में तब्दील कर दिया। इसके बाद विराट कोहली ने ‌कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा और हर रोज एक नई ऊंचाइयों को छूते गए।
 
 

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