इस भैरों मंदिर में ‘प्रसाद’ के नाम पर बंटती है ‘शराब’, नहीं लग पा रही रोक

दिल्ली के पुराना किला के पार स्थित ‘प्राचीन भैरों मंदिर’ देवता को प्रसाद के तौर पर शराब चढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है. यहां प्रसाद में लोकस से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक की शराब चढ़ाई जाती है. लोग अपनी-अपनी श्रद्धा और क्षमता के मुताबिक देशी शराब, बीयर, ब्रांडी, स्कॉच और विस्की इत्यादि चढ़ाते रहते हैं. ये मंदिर पांडव कालीन बताया जाता है.इस भैरों मंदिर में 'प्रसाद' के नाम पर बंटती है 'शराब', नहीं लग पा रही रोकSpace की कुछ आवाजों को नासा ने किया रिकार्ड, सुनने में हैं बड़ी ही भयानक!

पूजा में शराब के चढ़ावे को बाद में भक्तों में ‘प्रसाद’ के तौर पर बांट दिया जाता है. कुछ जागरुक लोगों को यही बात परेशान कर रही है. क्योंकि मंदिर के आसपास इसी वजह से तमाम भिखारी खाली गिलास लिए भटकते नजर आते रहते हैं. प्रसाद का सेवन कर चुके अधिकतर भिखारी पूरी तरह से नशे में होते हैं. नशे में धुत्त भिखारियों की लाइन में आपको बच्चों सहित हर उम्र के लोग नजर आ जाएंगे. लोगों के ज्यादा नशे में होने की वजह से मंदिर परिसर भक्तों (खासकर महिलाओं) के लिए सुरक्षित नहीं रह जाता.

शनिवार और रविवार को यह समस्या और विकट हो जाती है क्योंकि इन दिनों काफी भक्त मंदिर में भैरो बाबा के दर्शन को आते हैं. वीकेंड के दौरान मंदिर परिसर में बोतलें और शराब के कॉर्टून भिखरे नजर आते हैं. मंदिर की इस परंपरा से परेशान होकर एक सामाजिक फिल्म निर्माता, उल्हास पीआर ने गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी.

अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा था, “यह शिकायत प्रगति मैदान के नजदीक भैरो मंदिर के पास शराब वितरण से संबंधित है. यहां भक्त लोगों को खुले में शराब बांटते हैं और चौंकाने वाली बात है कि शराब के लिए लाइन में लगे लोगों में बच्चे भी लगे होते हैं. कृपया इस बारे में उचित कार्रवाई करें या फिर मुझेने के लिए मार्गदर्शति करें.”

जवाब में मंत्रालय ने लिखा कि यदि उन्हें मंदिर परिसर के अंदर या बाहर शराब वितरण के बारे में शिकायत मिलती है तो “कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी” 

मंत्रालय के जवाब में आगे कहा गया है कि “इस संबंध में, यह पता चला है कि लोगों को शराब के वितरण के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है. हालांकि, सभी बीट और पेट्रोलिंग स्टाफ को इस संबंध में सूचित किया गया है. अगर ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.”

मंदिर के बाउंड्री वॉल और मंदिर परिसर के अंदर तमाम वॉर्निंग बोर्ड लगाने के बावजूद भी शराब वितरण बदस्तूर जारी है. मंदिर के करीब दुकान लगाने वाले रामानंद के मुताबिक, “यहां शराब प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाती है और बांटी भी जाती है. पुलिस ने इस बात की अनुमति देने से इनकार कर दिया है और लगातार गश्त करती रहती है. लेकिन, शराब वितरण फिर भी जारी है. काफी संख्या में भक्त अभी भी शराब बांटते हैं. मंदिर के प्रवेश द्वार पर अपने हाथों में डिस्पोजल ग्लास लिए भक्तों का इंतजार करते भिखारियों की संख्या कभी भी देखी जा सकती है.”

लोककथा है कि भैरों बाबा को शराब बहुत पसंद थी. इसीलिए भक्त उनके मंदिर में प्रसाद स्वरूप शराब ही चढ़ाते हैं. बची हुई शराब कुछ भक्त अपने साथ ले जाते हैं जबकि अधिकतर वहीं मौजूद भिखारियों को बांट देते हैं.

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