इस 5 टिप्स से पहचाने असली और नकली ब्रैंड के गैजेट्स में फर्क

कुछ सालो से स्मार्टफोन्स ने हर घर और लगभग हर दुसरे इंसान की जेब में जगह बना ली है. ऐसे में कुछ बड़े ब्रांड्स लोगो के बीच में बहुत फेमस है. लोग इन फ़ोन्स के फीचर्स कम देखते है बल्कि इनके नाम के कारण हे गॅडजेट्स खरीदते है. ऐसे में कुछ लोगो ने फेक गैजेट्स बनाने का काम शुरू कर दिया है. वो इतना बारीकी से असली ब्रांड्स को कॉपी करते है की फ़र्क़ पहचानना मुश्किल होता है. आज हम आपको कुछ टिप्स बताएंगे जिससे आप असली ब्रांड और नकली में फ़र्क़ कर पाए.

मटेरियल की क्वालिटी

कोई भी मटेरियल चाहे वह प्लास्टिक, रबर, या एल्यूमीनियम हो, उच्च या निम्न गुणवत्ता का हो सकता है प्रसिद्ध ब्रांड मटेरियल में कोम्प्रोमाईज़ नहीं करते.

पैकेजिंग

नकली उत्पादों के निर्माता अक्सर पैकेज के डिज़ाइन को इग्नोर कर देते है. ब्रैंड के असली मनुफक्चरर्स हमेशा प्रोडक्ट्स के डिजाइन और पैकेजिंग के छोटी से छोटी चीज़ का ध्यान रखते है. पैकेज को ध्यान से देखिये फ़ॉन्ट को हर जगह प्रिंट क्लियर होना चाहिए। कुछ भी अंदर ढीली नहीं होना चाहिए निर्माता हमेशा अपने सामान को ठीक करते हैं ताकि परिवहन के दौरान कुछ भी ख़राब न हो जाए।

यूजर मैन्युअल

एक यूजर मैन्युअल किसी गैजेट का पासपोर्ट है डिवाइस के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी देती है. अगर यह किसी अन्य भाषा में लिखा गया है और आप इसे पढ़ नहीं सकते हैं, तो यह एक तस्करी उपकरण या ब्रांड कॉपीकैट है।

ब्रांड का लोगो

एक लोगो किसी भी ब्रांड का चेहरा है, और यह विशेष ध्यान देने योग्य है। यह हमेशा ऐसा बना रहता है कि इसके साथ छेड़छाड़ न की जाए, वर्षों के उपयोग के बाद भी, लोगो आसानी से पहचानने योग्य होगा. डिवाइस पर सभी फ़ॉन्ट और प्रतीकों को चिकनी, पठनीय और टिकाऊ होना चाहिए। यह अक्सर नकली ब्रांड्स में होता है की वह या तो उस ब्रांड का नाम नहीं लिखते या उसे कुछ गलत तरीके से लिख देते है .

चार्जर

चार्जर को आपके देश में उपयोग के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए. अगर आप यूरोप में रहते हैं, यूरोपीय सॉकेट्स के लिए एक विशेष ब्लॉक होना चाहिए.  यदि आपको एक एडाप्टर खरीदने या एक अलग चार्जर खरीदने के लिए कहा जाता है, तो यह एक चेतावनी संकेत है की यह ब्रांड नकली हो सकता है.

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