उत्तराखंड में डरा रहा मौसम, बारिश के दौरान पेड़ गिरने से युवक की मौत

उत्तराखंड में बरसात का मौसम अब लोगों को डराने लगा है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं, सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, बारिश के दौरान पेड़ गिरने के दौरान इसकी चपेट में आने से विकासनगर क्षेत्र में एक युवक की मौत हो गई।विकासनगर क्षेत्र के बरोटीवाला के पृथ्वीपुर खेड़ा में बारिश के दौरान पेड़ गिरने से इसकी चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग सेलाकुईं में कार्यरत तसीम (26 वर्ष) पुत्र यामीन अपने घर जीवनगढ़ से बाइक पर सवार होकर ड्यूटी को जा रहा था। तभी यह हादसा हो गया।     उत्तराखंड में गत दिवस सुबह के समय बारिश ने जमकर कहर बरपाया था। दून में सात लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार मकान की दीवार के मलबे में दब गए थे। वहीं तीन लोग अलग-अलग स्थान पर बरसाती नदियों के बहाव की चपेट में आ गए थे। वहीं पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कपकोट में भी नुकसान हुआ था।    उत्तराखंड में 22 जून को पहुंचेगा मानसून, इससे पहले बारिश का दौर जारी यह भी पढ़ें आधी रात के बाद से उत्तराखंड में फिर से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। देहरादून, ऋषिकेश, कोटद्वार, मसूरी, टिहरी पौड़ी सहित कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लगातार बारिश से उत्तरकाशी में भागीरथी का जलस्तर खतरे से निशान से दो मीटर नीचे बह रहा है।   वहीं, ऋषिकेश क्षेत्र में सौंग, सुसवा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रायवाला, साहबनगर, चकजोगीवाला, ठाकुरपुर, गौहरी माफी, हरिपुर कला सहित कई गांवों के लोग डरे हुए हैं। यहां हर साल बाढ़ से नुकसान पहुंचता है।    उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, कुमाऊं में बारिश से बुझी जंगलों में आग यह भी पढ़ें उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे सुचारु है, लेकिन यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के निकट मलबा आने से फिर से बंद हो गया। ऐसे में करीब 50 यात्री स्यानाचट्टी में रुके हैं। वहीं, केदारनाथ, बदरीनाथ व हेमकुंड यात्रा सुचारु है।   टिहरी जनपद में ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग भी फकोट ताछला में तड़के करीब चार बजे बंद हो गया था। इसे खोल दिया गया। कद्दूखाल के पास भी सड़क पर मलबा आने से बार-बार यातायात बाधित हो रहा है।   उत्तराखंड में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी यह भी पढ़ें   बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सुबह से लगातार बारिश के साथ ही बिजली कड़कने से लोग भयभीत हैं। कपकोट इंटर कालेज जाने वाला मुख्य मार्ग मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया। पकोट क्षेत्र की ग्राम सभा पन्याली तोक थाड़ में भुस्खलन से छः परिवारो को खतरा हो गया।    उत्तराखंड में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना, पहाड़ों में अलर्ट यह भी पढ़ें बैराज से आवाजाही की बंद   चंपावत के बनबसा में शारदा बैराज पर दूसरे दिन भी रेड अर्लट जारी है।  बैराज में वाहनो की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुबह शारदा का जलस्तर 1 लाख 31 हजार क्यूसेक होने से बैराज को बंद कर दिया गया। वहीं पहाडों में हो रही बारिश से पानी के साथ बह कर आ रहे मलबे के कारण शारदा नहर सील्ट जमा होने लगा। इस कारण नहर को भी बंद कर दिया गया है।  पेड़ गिरने से दो घंटे अवरुद्ध रहा यातायात   लोहाघाट क्षेत्र के भिंगराड़ा रीठा साहिब मोटर मार्ग पर बारिश के दौरान चीड़ का पेड़ गिरने से यातायात दो घंदे तक बाधित रहा। रीठा साहिब से लोहाघाट, चंपावत, हल्द्वानी जाने वाले वाहन चालकों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बाद में लोनिवि कर्मचारियों ने यातायात के लिए मार्ग खोल दिया।   राज्य मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह अनुसार अगले चौबीस घंटों के दौरान देहरादून समेत सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना है।   जौनसार बावर के 14 मार्ग बंद  बारिश के बाद चटख धूप खिलने के दौरान जगह-जगह मलबा आने से जौनसार क्षेत्र के 14 मार्ग बंद हो गए। इससे सौ से अधिक गांवों का संपर्क शहरों व मंडियों से कट गया। मार्ग बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हो रहे हैं, जिनकी उपज मंडी में न पहुंचकर खेतों में पड़ी है।   साथ ही लोगों को कई किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। यातायात व्यवस्था चरमराने की वजह से जनजीवन प्रभावित है।   बुधवार रात में मूसलाधार बारिश व गुरुवार सुबह हल्की बारिश के बाद चटख धूप खिलने पर जगह-जगह भूस्खलन हो गया। मलबा आने की वजह से पीएमजीएसवाई के सात व लोनिवि के सात मार्ग बंद हैं।   सड़कें बंद होने से किसानों को परेशानी हो  रही है। राजेंद्र सिंह, भजन दास, मेहर सिंह चौहान, मदन सिंह, गीताराम आदि का कहना है कि हर रोज मार्गों के बाधित होने से नगदी फसलें समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम से जल्द बंद मार्ग खोलने की मांग की। उपजिलाधिकारी चकराता बृजेश तिवारी के अनुसार लोनिवि, पीएमजीएसवाई अधिकारियों को मार्ग खोलने के लिए निर्देशित किया गया है।  बंद मार्ग  पीएमजीएसवाई: लावड़ी-दतरोटा, रडू मुंदोल, लोखंडी लोहारी, लेल्टा मंडोली, धोइरा दोऊ, हयोटगरी, अटाल सैंज मार्ग।  लोनिवि चकराता: अछेड़पुल मटियावा, छुटऊ संपर्क, रामताल गार्डन संपर्क, त्यूणी पुरोला, मेघाटू मयूंडा, पुरोडी रावना डामटा, खारसी।   चमोली जिले के दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध   लगातार बारिश के चलते चमोली जिले के दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही है। चमोली जिले में बीती रात भारी बारिश हुई। बदरीनाथ हाइवे पर जगह जगह मलबा आया। हालांकि सुबह बीआरओ व एनएच ने मलबा साफ कर दिया था। बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा जारी है। बारिश के चलते जिले में दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए।   घाड़ की नदियों के तट पर बढ़ाई गई निगरानी  रुड़की के घाड़ क्षेत्र की नदियों के उफान आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। घाड़ क्षेत्र में नदियों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। साथ ही लोगों को नदी की तरफ न जाने की सलाह दी गई है।   इस समय घाड़ क्षेत्र की आधा दर्जन से नदियां उफान पर है। शिवालिक रेंज की पहाड़ियों में हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का बहाव तेज हो गया है। बुधवार को मोहड रो नदी के उफान पर आने से तीन ट्रक नदी में फंस गए थे। जिसमें एक चालक तो किसी तरह से बाहर आ गया था, लेकिन दो चालक वाहन में फंस गए थे। बुग्गावाला पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम में रस्सी डालकर रेस्क्यू करते हुए किसी तरह से चालको को बाहर निकाला था।    ताजा हालातों को देखते हुए ताजा  प्रशासन प्रशासन ने लोगों को नदियों की तरफ न जाने की चेतावनी दी है। साथ ही साथ ही नदी के किनारे चौकसी बढ़ा दी गई है। भगवानपुर एसडीएम डीएस नेगी का कहना है कि  क्षेत्र की नदियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही लोगों को भी सतर्कता बरतने की राय दी गई है। आपदा प्रबंधन टीम को भी अलर्ट किया गया है।

विकासनगर क्षेत्र के बरोटीवाला के पृथ्वीपुर खेड़ा में बारिश के दौरान पेड़ गिरने से इसकी चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग सेलाकुईं में कार्यरत तसीम (26 वर्ष) पुत्र यामीन अपने घर जीवनगढ़ से बाइक पर सवार होकर ड्यूटी को जा रहा था। तभी यह हादसा हो गया। 

उत्तराखंड में गत दिवस सुबह के समय बारिश ने जमकर कहर बरपाया था। दून में सात लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार मकान की दीवार के मलबे में दब गए थे। वहीं तीन लोग अलग-अलग स्थान पर बरसाती नदियों के बहाव की चपेट में आ गए थे। वहीं पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कपकोट में भी नुकसान हुआ था। 

आधी रात के बाद से उत्तराखंड में फिर से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। देहरादून, ऋषिकेश, कोटद्वार, मसूरी, टिहरी पौड़ी सहित कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लगातार बारिश से उत्तरकाशी में भागीरथी का जलस्तर खतरे से निशान से दो मीटर नीचे बह रहा है। 

वहीं, ऋषिकेश क्षेत्र में सौंग, सुसवा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रायवाला, साहबनगर, चकजोगीवाला, ठाकुरपुर, गौहरी माफी, हरिपुर कला सहित कई गांवों के लोग डरे हुए हैं। यहां हर साल बाढ़ से नुकसान पहुंचता है। 

उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे सुचारु है, लेकिन यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के निकट मलबा आने से फिर से बंद हो गया। ऐसे में करीब 50 यात्री स्यानाचट्टी में रुके हैं। वहीं, केदारनाथ, बदरीनाथ व हेमकुंड यात्रा सुचारु है। 

टिहरी जनपद में ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग भी फकोट ताछला में तड़के करीब चार बजे बंद हो गया था। इसे खोल दिया गया। कद्दूखाल के पास भी सड़क पर मलबा आने से बार-बार यातायात बाधित हो रहा है।

बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सुबह से लगातार बारिश के साथ ही बिजली कड़कने से लोग भयभीत हैं। कपकोट इंटर कालेज जाने वाला मुख्य मार्ग मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया। पकोट क्षेत्र की ग्राम सभा पन्याली तोक थाड़ में भुस्खलन से छः परिवारो को खतरा हो गया। 

 बैराज से आवाजाही की बंद 

चंपावत के बनबसा में शारदा बैराज पर दूसरे दिन भी रेड अर्लट जारी है।  बैराज में वाहनो की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुबह शारदा का जलस्तर 1 लाख 31 हजार क्यूसेक होने से बैराज को बंद कर दिया गया। वहीं पहाडों में हो रही बारिश से पानी के साथ बह कर आ रहे मलबे के कारण शारदा नहर सील्ट जमा होने लगा। इस कारण नहर को भी बंद कर दिया गया है।

पेड़ गिरने से दो घंटे अवरुद्ध रहा यातायात 

लोहाघाट क्षेत्र के भिंगराड़ा रीठा साहिब मोटर मार्ग पर बारिश के दौरान चीड़ का पेड़ गिरने से यातायात दो घंदे तक बाधित रहा। रीठा साहिब से लोहाघाट, चंपावत, हल्द्वानी जाने वाले वाहन चालकों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बाद में लोनिवि कर्मचारियों ने यातायात के लिए मार्ग खोल दिया। 

राज्य मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह अनुसार अगले चौबीस घंटों के दौरान देहरादून समेत सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 

जौनसार बावर के 14 मार्ग बंद

बारिश के बाद चटख धूप खिलने के दौरान जगह-जगह मलबा आने से जौनसार क्षेत्र के 14 मार्ग बंद हो गए। इससे सौ से अधिक गांवों का संपर्क शहरों व मंडियों से कट गया। मार्ग बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हो रहे हैं, जिनकी उपज मंडी में न पहुंचकर खेतों में पड़ी है। 

साथ ही लोगों को कई किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। यातायात व्यवस्था चरमराने की वजह से जनजीवन प्रभावित है। 

बुधवार रात में मूसलाधार बारिश व गुरुवार सुबह हल्की बारिश के बाद चटख धूप खिलने पर जगह-जगह भूस्खलन हो गया। मलबा आने की वजह से पीएमजीएसवाई के सात व लोनिवि के सात मार्ग बंद हैं। 

सड़कें बंद होने से किसानों को परेशानी हो  रही है। राजेंद्र सिंह, भजन दास, मेहर सिंह चौहान, मदन सिंह, गीताराम आदि का कहना है कि हर रोज मार्गों के बाधित होने से नगदी फसलें समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम से जल्द बंद मार्ग खोलने की मांग की। उपजिलाधिकारी चकराता बृजेश तिवारी के अनुसार लोनिवि, पीएमजीएसवाई अधिकारियों को मार्ग खोलने के लिए निर्देशित किया गया है।

बंद मार्ग

पीएमजीएसवाई: लावड़ी-दतरोटा, रडू मुंदोल, लोखंडी लोहारी, लेल्टा मंडोली, धोइरा दोऊ, हयोटगरी, अटाल सैंज मार्ग।

लोनिवि चकराता: अछेड़पुल मटियावा, छुटऊ संपर्क, रामताल गार्डन संपर्क, त्यूणी पुरोला, मेघाटू मयूंडा, पुरोडी रावना डामटा, खारसी। 

चमोली जिले के दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध 

लगातार बारिश के चलते चमोली जिले के दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही है। चमोली जिले में बीती रात भारी बारिश हुई। बदरीनाथ हाइवे पर जगह जगह मलबा आया। हालांकि सुबह बीआरओ व एनएच ने मलबा साफ कर दिया था। बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा जारी है। बारिश के चलते जिले में दस संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए। 

घाड़ की नदियों के तट पर बढ़ाई गई निगरानी

रुड़की के घाड़ क्षेत्र की नदियों के उफान आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। घाड़ क्षेत्र में नदियों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। साथ ही लोगों को नदी की तरफ न जाने की सलाह दी गई है। 

इस समय घाड़ क्षेत्र की आधा दर्जन से नदियां उफान पर है। शिवालिक रेंज की पहाड़ियों में हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का बहाव तेज हो गया है। बुधवार को मोहड रो नदी के उफान पर आने से तीन ट्रक नदी में फंस गए थे। जिसमें एक चालक तो किसी तरह से बाहर आ गया था, लेकिन दो चालक वाहन में फंस गए थे। बुग्गावाला पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम में रस्सी डालकर रेस्क्यू करते हुए किसी तरह से चालको को बाहर निकाला था।  

ताजा हालातों को देखते हुए ताजा  प्रशासन प्रशासन ने लोगों को नदियों की तरफ न जाने की चेतावनी दी है। साथ ही साथ ही नदी के किनारे चौकसी बढ़ा दी गई है। भगवानपुर एसडीएम डीएस नेगी का कहना है कि  क्षेत्र की नदियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही लोगों को भी सतर्कता बरतने की राय दी गई है। आपदा प्रबंधन टीम को भी अलर्ट किया गया है।

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