उत्तराखण्ड: निकायों का चेहरा चुनने में भाजपा-कांग्रेस में रेस

हल्द्वानी : नगर निगम, पालिका एवं पंचायतों के अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार खोजने के लिए सत्तारूढ़ दल भाजपा को दूसरी बार कवायद करनी पड़ी है। सीटवार आरक्षण तय न होने के चलते 29 मार्च से होने वाली पर्यवेक्षकों की बैठक भाजपा ने टाल दी थी। अब दो, तीन व चार अप्रैल को रायशुमारी करने जा रही भाजपा कांग्रेस के नक्शेकदम पर आगे बढ़ती दिख रही है। निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष के नाम तय करने की जोर आजमाइश में भाजपा ने मार्च अंतिम सप्ताह में रायशुमारी के लिए पार्टी विधायक एवं वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया था। 29 मार्च से ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर पर्यवेक्षकों को संभावित दावेदारों के नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजने थे।

हॉट सीट बनी नगर निगम हल्द्वानी के लिए विधायक पुष्कर धामी, वरिष्ठ नेत्री राजकुमारी गिरी एवं सुरेश परिहार को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इधर, सीटों का आरक्षण तय न होने के चलते भाजपा ने रायशुमारी टाल दी। एक अप्रैल को प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने फिर निर्देश जारी कर दो से चार अप्रैल तक संभावितों की सूची तैयार कर पांच अप्रैल तक प्रदेश को भेजने को कहा है।

हालांकि अभी भी आरक्षण तय नहीं हो सका है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के बाद, लेकिन उसी तर्ज पर पर्यवेक्षक नियुक्त किए। यहां भी मामला आरक्षण तय होने का उठा, लेकिन जिला इकाइयों ने अपने स्तर से रायशुमारी का दौर शुरू कर दिया। नैनीताल जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कुछ में बैठक हो चुकी हैं जबकि पांच अप्रैल तक सभी में कर लेने का लक्ष्य है। तब तक आरक्षण तय हो गया तो ठीक वरना पर्यवेक्षक इन्हीं बैठकों से निकले निष्कर्ष के आधार पर त्वरित मंथन के लिए क्षेत्र में जाएंगे और संभावित दावेदारों की सूची पर चर्चा करेंगे। ऐसे में कांग्रेस ही इस तैयारी ने भी भाजपा को दो कदम आगे बढ़ने को मजबूर कर दिया।

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