उत्तर कोरिया ने कही परमाणु निरस्त्रीकरण पर अटल रहने की बात…

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में उत्तर कोरिया की सूचित प्रतिबद्धता का स्वागत किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात से पहले उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन हाल हमें बीजिंग यात्रा पर पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा का उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में कदम बढ़ाने का वचन देते हुए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का समर्थन हासिल करना था.उत्तर कोरिया ने कही परमाणु निरस्त्रीकरण पर अटल रहने की बात...

संरा प्रमुख के प्रवक्ता फरहान हक की ओर से जारी वक्तव्य में गुरुवार (29 मार्च) को कहा गया, ‘‘महासचिव डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रतिसूचित प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं.’’ इसमें कहा गया, ‘‘महासचिव हाल में हुई सकारात्मक गतिविधियों को गंभीर वार्ता की दिशा में एक लंबी प्रक्रिया के तौर पर देखते हैं जिससे सतत शांति और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा.’’

उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया है. किम अचानक ही बीजिंग के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे. वर्ष 2011 में सत्ता में आने के बाद यह संभवत: उनका पहला विदेश दौरा है.

वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने कोरियाई प्रायद्वीप के दोनों देशों को अलग करने वाले असैन्य क्षेत्र में वार्ता की तैयारी करने के लिए मुलाकात की, जिसके बाद सोल के अधिकारियों ने गुरुवार (29 मार्च) को बताया कि यह सम्मेलन 27 अप्रैल को होगा. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच यह भेंट दोनों देशों के बीच होने वाली इस किस्म की तीसरी मुलाकात होगी. यह मुलाकात भी असैन्य क्षेत्र में ही होगी.

इससे पहले चीन ने अमेरिका को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की चीन यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि वह इस सप्ताह बीजिंग आए थे. ‘एफे’ की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि बीजिंग और वाशिंगटन के बीच सोमवार (26 मार्च) को हुए संवाद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अपने अमेरिकी समकक्ष के लिए एक संदेश भी शामिल है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया और जापान के साथ किम की यात्रा के बारे में बात की है. उन्होंने कहा, “हम इस घटनाक्रम को इस बात के प्रमाण के रूप में देखते हैं कि अधिकतम दबाव का हमारा प्रयास उत्तरी कोरिया के साथ वार्ता के लिए उचित माहौल पैदा कर रहा है.”

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