उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता से किया इंकार

कोरियाई देशों के बीच बात बनते बनते बिगड़ती दिख रही है. उत्तर कोरिया ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया की सरकार को अज्ञानी और अक्षम बताया है और कहा है कि वह वर्तमान स्थिति में दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता नहीं करेगा. उत्तर कोरिया ने यह भी कहा है कि उसके और दक्षिण कोरिया के बीच कोई भी बातचीत तब तक नहीं होगी जब तक उत्तर कोरिया की मांगें नहीं मानी जाती.कोरियाई देशों के बीच बात बनते बनते बिगड़ती दिख रही है. उत्तर कोरिया ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया की सरकार को अज्ञानी और अक्षम बताया है और कहा है कि वह वर्तमान स्थिति में दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता नहीं करेगा. उत्तर कोरिया ने यह भी कहा है कि उसके और दक्षिण कोरिया के बीच कोई भी बातचीत तब तक नहीं होगी जब तक उत्तर कोरिया की मांगें नहीं मानी जाती.  इससे पहले बुधवार को दोनों कोरियाई देशों के बीच होने वाली वार्ता रद्द कर दी गयी थी. दोनों देशों के बीच बुधवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के कारण उत्तर कोरिया पीछे हट गया था.   उत्तर कोरिया से शीर्ष वार्ताकार री सोन ग्वान ने कहा कि जब तक उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया  के बीच उच्च स्तरीय वार्ता रोकने के लिए बनी गंभीर स्थिति का समाधान नहीं होता तब तक दक्षिण कोरिया के मौजूदा शासन के साथ आमने - सामने बैठना आसान नहीं होगा.   दूसरी तरफ अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि अगले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच होने वाली बातचीत के लिए वह आगे बढ़ने को तैयार है. गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को ही 12 जून को होने वाली वार्ता से हटने की धमकी दी थी.  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया वार्ता करना चाहता है तो अमेरिका वहां होगा. उन्होंने यह भी बताया कि व्हाइट हाउस ने कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है. बता दें कि उत्तर कोरिया के इस बयान से पहले उसके और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में सुधार आने लगा था.

इससे पहले बुधवार को दोनों कोरियाई देशों के बीच होने वाली वार्ता रद्द कर दी गयी थी. दोनों देशों के बीच बुधवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के कारण उत्तर कोरिया पीछे हट गया था. 

उत्तर कोरिया से शीर्ष वार्ताकार री सोन ग्वान ने कहा कि जब तक उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया  के बीच उच्च स्तरीय वार्ता रोकने के लिए बनी गंभीर स्थिति का समाधान नहीं होता तब तक दक्षिण कोरिया के मौजूदा शासन के साथ आमने – सामने बैठना आसान नहीं होगा. 

दूसरी तरफ अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि अगले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच होने वाली बातचीत के लिए वह आगे बढ़ने को तैयार है. गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को ही 12 जून को होने वाली वार्ता से हटने की धमकी दी थी.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया वार्ता करना चाहता है तो अमेरिका वहां होगा. उन्होंने यह भी बताया कि व्हाइट हाउस ने कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है. बता दें कि उत्तर कोरिया के इस बयान से पहले उसके और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में सुधार आने लगा था. 

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