उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के खिलाफ राहुल गांधी का ‘पत्र युद्ध’

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ पत्र-युद्ध आरंभ किया है। विभिन्न समस्याएं लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वालों को पत्र लिखकर समर्थन देने का अभियान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुरू किया है।कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ पत्र-युद्ध आरंभ किया है। विभिन्न समस्याएं लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वालों को पत्र लिखकर समर्थन देने का अभियान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुरू किया है।  गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कराने के लिए संघर्ष कर रहे किसान मजदूर संगठन के वीएम सिंह और गाजीपुर जिले में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सुनील को अलग-अलग चिठ्ठी लिखकर राहुल ने न केवल उन्हें समर्थन देने की घोषणा की है, बल्कि जल्दी मिलने और कंधे से कंधा मिलाकर उनके आंदोलन में सहभागिता का वादा भी किया है।  कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरने की यह रणनीति अपनी पार्टी कार्यक्रमों से अलग हटकर तय की है। राहुल गांधी इस अभियान में पत्रों के जरिये सीधे संपर्क व संवाद बढ़ाकर योगी सरकार विरोधी माहौल को हवा देने का काम करेंगे।  किसानों में बकाया गन्ना मूल्य संकट से पनपे आक्रोश को कैश कराने के लिए राहुल गांधी ने किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह को लिखे पत्र में मौजूदा सरकार पर चीनी मिल मालिकों की मदद करने का आरोप लगाया है। बकौल राहुल, सरकार ने किसानों का बकाया करीब 12-13 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का प्रयास नहीं किया। दुख का विषय है कि सरकार को सिर्फ मिल मालिकों की ही फिक्र है।  केंद्र सरकार के विशेष पैकेज पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि उप्र में किसानों का 12-13 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। ऐसे में पूरे देश के लिए मात्र साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये का पैकेज ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। राहुल गांधी ने वीएम सिंह के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा है कि जल्द ही उनसे इस समस्या पर मिलकर बात करेंगे।  कृषि भूमि बचाओ मोर्चा को समर्थन-  राहुल गांधी ने एक पत्र गाजीपुर जिले के सुनील को भी लिखा है जो कृषि भूमि बचाओ मोर्चा के बैनर तले वाराणसी-गोरखपुर हाई-वे के लिए किसानों की अधिग्रहीत भूमि में पारदर्शी प्रक्रिया न अपनाने के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। राहुल ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।  अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि आंदोलन कर रहीं महिलाओं को पुलिस द्वारा पीटे जाने की पीड़ा वह समझ रहे हैं। मोर्चा को हरसंभव मदद करने का आश्वासन देते हुए उन्होंने "एक भूमि, एक मुआवजा" की सफलता की कामना की है। इससे पहले राहुल गोरखपुर में डॉ. कफील खां के भाई कासिफ जमील पर हुए हमले की भर्त्सना करते हुए पत्र लिख कर योगी सरकार पर निशाना साध चुके हैं।  उन्होंने अपने पत्र में इस हिंसक वारदात पर चिंता जताते हुए कासिफ जमील के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। राहुल ने पत्र में कहा कि हाई सिक्योरिटी क्षेत्र (मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र) में गोलीबारी की घटना प्रदेश में पूरी तरह गिर चुकी कानून व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होने घटना में शासन व प्रशासन की लापरवाही की जांच कराये जाने की मांग की थी।  बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे डॉ.कफील को वहां पर बच्चों की हुई मौत के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने केरल सरकार से निपाह वायरस की विभीषिका से निपटने में सहयोग देने की पेशकश की है।

गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कराने के लिए संघर्ष कर रहे किसान मजदूर संगठन के वीएम सिंह और गाजीपुर जिले में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सुनील को अलग-अलग चिठ्ठी लिखकर राहुल ने न केवल उन्हें समर्थन देने की घोषणा की है, बल्कि जल्दी मिलने और कंधे से कंधा मिलाकर उनके आंदोलन में सहभागिता का वादा भी किया है।

कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरने की यह रणनीति अपनी पार्टी कार्यक्रमों से अलग हटकर तय की है। राहुल गांधी इस अभियान में पत्रों के जरिये सीधे संपर्क व संवाद बढ़ाकर योगी सरकार विरोधी माहौल को हवा देने का काम करेंगे।

किसानों में बकाया गन्ना मूल्य संकट से पनपे आक्रोश को कैश कराने के लिए राहुल गांधी ने किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह को लिखे पत्र में मौजूदा सरकार पर चीनी मिल मालिकों की मदद करने का आरोप लगाया है। बकौल राहुल, सरकार ने किसानों का बकाया करीब 12-13 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का प्रयास नहीं किया। दुख का विषय है कि सरकार को सिर्फ मिल मालिकों की ही फिक्र है।

केंद्र सरकार के विशेष पैकेज पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि उप्र में किसानों का 12-13 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। ऐसे में पूरे देश के लिए मात्र साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये का पैकेज ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। राहुल गांधी ने वीएम सिंह के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा है कि जल्द ही उनसे इस समस्या पर मिलकर बात करेंगे।

कृषि भूमि बचाओ मोर्चा को समर्थन-

राहुल गांधी ने एक पत्र गाजीपुर जिले के सुनील को भी लिखा है जो कृषि भूमि बचाओ मोर्चा के बैनर तले वाराणसी-गोरखपुर हाई-वे के लिए किसानों की अधिग्रहीत भूमि में पारदर्शी प्रक्रिया न अपनाने के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। राहुल ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।

अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि आंदोलन कर रहीं महिलाओं को पुलिस द्वारा पीटे जाने की पीड़ा वह समझ रहे हैं। मोर्चा को हरसंभव मदद करने का आश्वासन देते हुए उन्होंने “एक भूमि, एक मुआवजा” की सफलता की कामना की है। इससे पहले राहुल गोरखपुर में डॉ. कफील खां के भाई कासिफ जमील पर हुए हमले की भर्त्सना करते हुए पत्र लिख कर योगी सरकार पर निशाना साध चुके हैं।

उन्होंने अपने पत्र में इस हिंसक वारदात पर चिंता जताते हुए कासिफ जमील के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। राहुल ने पत्र में कहा कि हाई सिक्योरिटी क्षेत्र (मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र) में गोलीबारी की घटना प्रदेश में पूरी तरह गिर चुकी कानून व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होने घटना में शासन व प्रशासन की लापरवाही की जांच कराये जाने की मांग की थी।

बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे डॉ.कफील को वहां पर बच्चों की हुई मौत के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने केरल सरकार से निपाह वायरस की विभीषिका से निपटने में सहयोग देने की पेशकश की है।

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