उन्‍नाव गैंगरेप: आमने-सामने बिठाकर सेंगर और शशि से पूछताछ!

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनकी कथित सहयोगी शशि सिंह की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों को उन्नाव ले जाने की तैयारी में है। रेप, अपहरण और पॉस्को ऐक्ट के दोनों आरोपियों को सीबीआई उनके गांव माखी भी ले जाएगी, जहां उनसे घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ होगी। 

 सीबीआई उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर का माखी थाने से हटाए गए पुलिसकर्मियों से भी आमना-सामना करवा सकती है। साथ ही उन्नाव जिला अस्पताल के डॉक्टरों से भी दोबारा पूछताछ होगी। इस बीच सीबीआई अधिकारियों ने शनिवार रात को पहले तो कुलदीप सेंगर और शशि सिंह से अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद दोनों का आमना-सामना करवाया गया। दोनों को आमने-सामने बैठा कर सीबीआई ने वही सवाल दोहराए। सूत्रों की मानें तो कई सवालों के दोनों आरोपियों द्वारा दिए गए जवाब विरोधाभासी हैं। हालांकि, कुलदीप सिंह पहले ही दिन की तरह सीबीआई के सवालों पर रटे-रटाए जवाब देते रहे। आपको बता दें कि शशि पर आरोप है कि पीड़ित लड़की को नौकरी दिलाने के नाम पर वही विधायक के पास ले गई थी, जहां विधायक ने उसके साथ कथित तौर पर रेप किया। 
अब अतुल सिंह से पूछताछ की तैयारी 
सीबीआई ने उन्नाव कांड को लेकर तीन मामले दर्ज किए हैं। इनमें अभी तक सीबीआई ने एफआईआर नंबर 96 पर (जिसमें बीजेपी विधायक और शशि सिंह नामजद हैं) ही काम किया है। अब सीबीआई एफआईआर नंबर 90 पर काम शुरू करने की तैयारी में है। यह मामला पीड़िता किशोरी के पिता की पिटाई और उनकी हत्या से संबंधित है। 

मामले की तहकीकात शुरू करने से पहले सीबीआई उस मामले में उन्नाव जिला जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और साथियों (बऊवा, विनित, शैलू और सोनू सिंह) को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। सीबीआई सूत्रों की मानें तो इसके लिए सीबीआई अगले हफ्ते अतुल सिंह और उसके चारों साथियों की रिमांड के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। 

वकील के अलावा कोई मिलने नहीं आया 
कुलदीप सिंह सेंगर की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर करने के साथ अदालत ने आदेश दिया है कि रिमांड के दौरान उनसे सुबह दस बजे और शाम को छह बजे वकील मिल सकता है। यह भी आदेश दिया है कि इस दौरान अगर वह वकील से अकेले में बातचीत करना चाहें तो उन्हें एकांत का माहौल दिया जाए। इस दौरान सीबीआई के अधिकारी या पुलिसकर्मी उसने 20 फुट की दूरी पर रहेंगे। 

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान विधायक के परिवार के लोग भी उनसे मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों में परिवार का कोई ‌भी व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया। रविवार सुबह एक वकील जरूर विधायक से मिलने आया, जिसकी लिखापढ़ी और तस्दीक के बाद विधायक से मुलाकात करवाई गई।

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