उपराष्ट्रपति के लिए वोटिंग प्रैक्टिस में दो बार मौका मिलने पर भी फेल हुए 16 सांसद

उपराष्ट्रपति पद के लिए शनिवार को वोटिंग है. इससे ठीक एक दिन पहले बीजेपी ने अपने सांसदों और सहयोगी दलों के सांसदों के लिए वोटिंग की प्रक्रिया समझाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया. बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने यह प्रयास इसलिए किया ताकि वोट को अवैध होने से बचाया जा सके. सूत्रों के हवाले से खबर है कि दो बार मौका दिए जाने के बाद भी 16 सांसदों के मत अवैध की श्रेणी के पाए गए.
उपराष्ट्रपति के लिए वोटिंग प्रैक्टिस में दो बार मौका मिलने पर भी फेल हुए 16 सांसद
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इतनी बड़ी संख्या में सांसदों के वोट गलत पाए जाने पर अफसोस जाहिर गए. साथ ही उन्होंने अपने सांसदों को सचेत और सावधानी से वोट डालने को कहा. सभी एनडीए के सांसदों को सुबह 10 बजे संसद की लाइब्रेरी के बाहर एकत्र होने के लिए कहा गया है.  बता दें कि हाल ही में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में भी ट्रेनिंग के बावजूद 21 सांसदों के वोट अवैध पाए गए थे. ऐसा माना जा रहा है कि इनमें भी सर्वाधिक बीजेपी के थे.

आज की कार्यशाला में एआईएडीएमके, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने भी हिस्सा लिया. आज की कार्यशाला में खुद वेंकैया नायडू भी शामिल हुए और उन्होंने सभी सांसदों से अपने पक्ष में मत देने का आग्रह भी किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सांसदों को संबोधित किया और नायडू के पक्ष में मत प्रयोग करने की अपील की.

यह भी पढ़ें: मनाने की चल रही कोशिश, लेकिन अगर कपिल से नहीं बनी बात, तो रूठे सुनील को मनाने आएंगी ये भाभी जी

संसद के दोनों सदनों के 787 सदस्यीय प्रभावी निर्वाचक मंडल के बीच नायडू बहुत बेहतर स्थिति में हैं. राजग को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल है और दक्षिण भारत के कुछ राजनीतिक दलों का भी समर्थन हासिल है. लोकसभा में अभी 543 और राज्यसभा में 244 सदस्य हैं. लोकसभा में दो सीट रिक्त हैं जबकि राज्यसभा में एक. भाजपा पदाधिकारियों के मुताबिक, राजग के राज्यसभा के 81 सदस्यों और लोकसभा के 338 सदस्यों के अलावा दोनों सदनों में अन्नाद्रमुक के 50, वाईएसआर कांग्रेस के 10 और तेलंगाना राष्ट्र समिति के 14 सदस्य भी नायडू के पक्ष में मत देंगे.

ये भी पढ़े: #डोकलाम विवाद: भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- सीमाओं की सुरक्षा के लिए हूँ पूरी तरह तैयार

इस तरह 493 सदस्यों के साथ नायडू 394 के जरूरी आंकड़े को आसानी से पार कर लेंगे. भाजपा को तो 500 मतों के मिलने की उम्मीद है. महात्मा गांधी के पौत्र, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल व पूर्व राजनयिक गोपालकृष्ण गांधी विपक्ष के उम्मीदवार हैं. उन्हें कांग्रेस, वामदल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस का समर्थन हासिल है. अब राजग में शामिल हो चुके जनता दल (यू) ने भी गांधी को समर्थन देने का ऐलान किया हुआ है.

You May Also Like

English News