उपवास के बहाने, पीएम आए शत्रु के निशाने

भाजपा के असंतुष्ट नेता शत्रुघ्न सिन्हा बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद की कार्रवाई न चलने देने के विपक्ष के रवैये के खिलाफ भाजपा सांसदों के राष्ट्रव्यापी उपवास को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने खुद भी विपक्ष में रहने के दौरान संसद की कार्रवाई नहीं चलने दी थी.पटना : भाजपा के असंतुष्ट नेता शत्रुघ्न सिन्हा बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद की कार्रवाई न चलने देने के विपक्ष के रवैये के खिलाफ भाजपा सांसदों के राष्ट्रव्यापी उपवास को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने खुद भी विपक्ष में रहने के दौरान संसद की कार्रवाई नहीं चलने दी थी.  उल्लेखनीय है कि भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अक्सर अपने बयानों या ट्वीट से चर्चा में बने रहते हैं. इस बार भी उन्होंने विपक्ष द्वारा संसद न चलने देने पर पार्टी द्वारा किए गए उपवास का उपहास करते हुए लगातार कई ट्वीट कर भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा. सिन्हा ने ट्वीट किया,कि “प्रधान सेवक, प्रधान रक्षक और प्रधान चौकीदार! क्या इस उपवास को वही समझाया जाए, जैसा कि आप पहले कहते थे, न खाऊंगा, न खाने दूंगा. बस दो चीजें आपसे पूछनी है? पहला कि अगर हमने उपवास रखा है तो इसे कैसे तोड़ेंगे? और दूसरा कि यह चाय पे चर्चा है या बिन मतलब के पकौड़े पे खर्चा?”  आपको बता दें कि भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पूछा कि संसद में गतिरोध के लिए क्या विपक्षी दल ही पूरी तरह से जिम्मेदार हैं? अपनी ही पार्टी की पोल खोलते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग जब विपक्ष में थे, तो कई दिनों तक संसद की कार्रवाई नहीं चलने दी थी.विदेश यात्रा पर गए शत्रुघ्न ने इस मौके पर तत्कालीन नरसिंह राव सरकार में सूचना एवं दूरसंचार मंत्री रहे सुखराम और हिमाचल सरकार के मंत्री अनिल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले का जिक्र किया जिसमें भाजपा नेताओं के उस बयान का भी उल्लेख किया, कि सदन की कार्रवाई सुचारू रूप से चलाना पूरी तरह से सत्तापक्ष की जिम्मेदारी होती है. आज हमारा इस मामले में क्या रुख है, स्पष्ट करें.

उल्लेखनीय है कि भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अक्सर अपने बयानों या ट्वीट से चर्चा में बने रहते हैं. इस बार भी उन्होंने विपक्ष द्वारा संसद न चलने देने पर पार्टी द्वारा किए गए उपवास का उपहास करते हुए लगातार कई ट्वीट कर भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा. सिन्हा ने ट्वीट किया,कि “प्रधान सेवक, प्रधान रक्षक और प्रधान चौकीदार! क्या इस उपवास को वही समझाया जाए, जैसा कि आप पहले कहते थे, न खाऊंगा, न खाने दूंगा. बस दो चीजें आपसे पूछनी है? पहला कि अगर हमने उपवास रखा है तो इसे कैसे तोड़ेंगे? और दूसरा कि यह चाय पे चर्चा है या बिन मतलब के पकौड़े पे खर्चा?”

आपको बता दें कि भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पूछा कि संसद में गतिरोध के लिए क्या विपक्षी दल ही पूरी तरह से जिम्मेदार हैं? अपनी ही पार्टी की पोल खोलते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग जब विपक्ष में थे, तो कई दिनों तक संसद की कार्रवाई नहीं चलने दी थी.विदेश यात्रा पर गए शत्रुघ्न ने इस मौके पर तत्कालीन नरसिंह राव सरकार में सूचना एवं दूरसंचार मंत्री रहे सुखराम और हिमाचल सरकार के मंत्री अनिल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले का जिक्र किया जिसमें भाजपा नेताओं के उस बयान का भी उल्लेख किया, कि सदन की कार्रवाई सुचारू रूप से चलाना पूरी तरह से सत्तापक्ष की जिम्मेदारी होती है. आज हमारा इस मामले में क्या रुख है, स्पष्ट करें.

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