उबर कंपनी ने एक साल तक छुपाई 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं का डाटा हैक होने की बात

एप आधारित टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली कंपनी उबर ने कहा कि हैकरों ने उसके प्लेटफॉर्म पर जुड़े 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं और ड्राइवरों का निजी डाटा चुराया है। यह बात एक साल तक छुपाई गई।
उबर कंपनी ने एक साल तक छुपाई 5.7 करोड़ उपभोक्ताओं का डाटा हैक होने की बातकंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दारा खोसरोवशही ने एक बयान में कहा, ‘ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए था और मैं इसके लिए कोई बहाना नहीं बनाऊंगा।

खोसरोवशही के अनुसार उबर सूचना सुरक्षा दल के दो सदस्य को मंगलवार को ही तत्काल प्रभाव से कंपनी से निकाल दिया है। इन दोनों ने समय पर उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं दी कि उनका डाटा चुराया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में केवल इतना पता चला है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले क्लाउड सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगाकर बड़ी मात्रा में डाटा डाउनलोड कर लिया। 

उबर के अनुसार चुराई गई जानकारियों में उपभोक्ताओं के नाम, ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर और करीब छह लाख ड्राइवरों के नाम और उनके लाइसेंस नंबर चोरी किए गए हैं। बावजूद इसके उपभोक्ताओं और चालकों को सूचना नहीं दी गई जिनकी सूचनाओं को खतरा था।

हैकरों को 65 लाख रुपये दिए

सूत्रों का कहना है कि इस बात की जानकारी मिलने का बाद उबर ने चोरी किए गए डाटा को नष्ट करने के लिए हैकरों को 65 लाख रुपये का भुगतान भी किया। इस बारे में मैकैफे लैब के वीपी विन्सेंट वीफर ने कहा, ‘डाटा चोरी की सूचना साझा करने में काफी लंबा समय लिया गया है।’ वीफर ने हैकरों को भुगतान करने के निर्णय को असामान्य बताया और सवाल उठाया कि क्या यह बुद्धिमानी है। उन्होंने कहा कि क्या आप चोरों पर भरोसा कर सकते हैं कि उन्होंने किसी भी प्रकार से डाटा को कॉपी या लीक नहीं किया होगा।
 

You May Also Like

English News