एक आदेश पर हाईकोर्ट में मचा हडकंप, वजह- गुरुपर्व पर पटाखे जलेंगे या नहीं

हाईकोर्ट में एक बेंच ने एक केस में फैसला सुनाया और उस पर बवाल हो गया। ऐसा हुआ है और इसकी वजह है- गुरुपर्व पर पटाखे जलाए जाएंगे या नहीं। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पटाखों के लाइसेंस पिछले साल के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत जारी करने का आदेश दिया था। इनके खिलाफ जाकर सिंगल बेंच ने अमृतसर में 29 विक्रेताओं को पटाखा बेचने की अनुमति दे दी, इस आदेश पर बवाल मच गया है।
हाईकोर्ट ने पटाखे जलाने पर एक नवंबर तक वैन जारी रखा है और कहा कि गुरुपर्व पर पटाखे जलाने की अनुमति को लेकर एक नवंबर को सुनवाई की जाएगी। पटाखों को जलाने  को लेकर सुनवाई के दौरान वीरवार को जब पीआईएल बेंच को बताया गया कि सिंगल बेंच ने डबल बेंच के आदेशों के खिलाफ जाकर अमृतसर में पटाखों के लाइसेंस 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की अनुमति दे दी है। एक आदेश पर हाईकोर्ट में मचा हडकंप, वजह- गुरुपर्व पर पटाखे जलेंगे या नहींबड़ी खबर: नवंबर के पहले सप्ताह से BJP उम्मीदवारों की घोषणा शुरू, इन मानकों पर होगा चयन
हाईकोर्ट ने इसे अनुशासन के सिद्धातों के खिलाफ करार देते हुए कहा कि यह अधिकार सुप्रीम कोर्ट को है और सिंगल बेंच खुद को सुप्रीम कोर्ट न समझे। हाईकोर्ट ने एमिकस क्यूरी को आदेश दिए कि इस फैसले को अवमानना का मामला माना जाए या नहीं इस पर वे अगली सुनवाई पर पक्ष रखें। इसके साथ ही गुरुपर्व व बारातों में पटाखे जलाने के संबंध में एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता पक्ष रखेंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि उनके आदेशों के अनुरूप पटाखों पर वीरवार तक बैन था।

यह बैन कब तक रहेगा इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि हाईकोर्ट ने 1 नवंबर तक बैन जारी रखा है। इसी दौरान गुरुपर्व पर पटाखों की छूट मामला उठा तो हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि आदेशों को सांप्रदायिक रंग नहीं लेने दिया जाएगा। बारात में भी पटाखों पर रोक लगाई जानी चाहिए। गुरुपर्व पर पटाखों की अनुमति को लेकर 1 नवंबर को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। पटाखों पर रेगुलेटिड बैन के आदेश सफल रहने के आदेशों की खुशी वीरवार को सिंगल बेंच के आदेशों का लेकर पैदा हुए विवाद के कारण फीकी पड़ गई।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 13 अक्तूबर के आदेशों के जरिए 26 अक्तूबर तक पटाखों पर बैन लगा दिया था। इन आदेशों में यह भी कहा गया था कि पटाखों की बिक्री के लिए पिछले साल के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत ही लाइसेंस जारी किए जाएं। इन आदेशों को चुनौती देते हुए अमृतसर के कुछ पटाखा विक्त्रस्ेताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला लिया।

विवाद वहां आरंभ हुआ जब यह मामला डिवीजन बेंच के स्थान पर सिंगल बेंच के पास पहुंच गया। सिंगल बेंच ने भी इस मामले में डिवीजन बेंच के आदेशों के खिलाफ लाइसेंस जारी करने के आदेश दे दिए और इस याचिका को मुख्य याचिका के साथ अटैच करने के आदेश दे दिए। वीरवार को जब पीआईएल बेंच के सामने पटाखों पर बैन को लेकर याचिका पहुंची तो सिंगल बेंच के आदेश भी पीआईएल बेंच के सामने पहुंच गए।

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