एक बार फिर टल बड़ा हादसा: रेलवे ट्रैक की खुली मिलीं पेंड्रोल क्लिपें, पलटने से बचीं छह ट्रेनें

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डालीगंज-बादशाहनगर रेलखंड पर गुरुवार को एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया। डालीगंज क्रॉसिंग के पास 25 पेंड्रोल क्लिप खुली मिलीं। इन खुली क्लिपों वाली पटरी से छह ट्रेनें भी गुजर गईं। स्थानीय लोगों से रेलवे को इसकी जानकारी मिली और आनन-फानन ट्रैक ठीक करवाया गया। तीन दिसम्बर को इसी रेलखंड पर 308 पेंड्रोल क्लिपें गायब मिली थीं।एक बार फिर टल बड़ा हादसा: रेलवे ट्रैक की खुली मिलीं पेंड्रोल क्लिपें, पलटने से बचीं छह ट्रेनें

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गुरुवार सुबह सवा नौ बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब डालीगंज क्रॉसिंग से कुछ कदमों की दूरी पर 25 पेंड्रोल क्लिपें खुली मिलीं। पटरी के पास रहने वाले वीरेंद्र यादव उर्फ बउवा और इम्तियाजुल हक ने तत्काल क्रॉसिंग गेटमैन श्याम बाबू को इसकी सूचना दी। गेटमैन ने डालीगंज व बादशाहनगर रेलवे स्टेशन मास्टरों को जानकारी दी।

सूचना मिलते ही डीआरएम विजयलक्ष्मी कौशिक, आरपीएफ कमांडेंट सहरिश सिद्दीकी व इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बादशाहनगर स्टेशन से कीमैन को बुलवाकर क्लिपें लगवाई गईं। इसके बाद सुबह करीब 11.30 बजे तक ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन सामान्य हो सका।

इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे पीआरओ आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि यह रेलखंड सीनियर डीईएन थ्री पावस यादव के कार्यक्षेत्र में आता है। सुबह कुछ क्लिपें खुली पाई गईं। स्थानीय लोगों ने सतर्कता दिखाई। क्लिपें थोड़ी-थोड़ी दूरी पर निकली हुई थीं, जिसे पास में रहने वाले बच्चों ने इकट्ठा कर एक जगह रख दिया था।

ये ट्रेनें गुजरीं, टला हादसा

वाराणसी से लखनऊ आने वाली कृषक एक्सप्रेस (15007) सुबह 5.15 बजे पेंड्रोल क्लिपें निकले ट्रैक से गुजरी। ऐसे ही काठगोदाम से लखनऊ आने वाली बाघ एक्सप्रेस (13020) 6.40 बजे गुजरी। छपरा-फर्रुखाबाद उत्सर्ग एक्सप्रेस (18191) सवा सात बजे, नखाजंगल-लखनऊ जंक्शन पैसेंजर (55031) 8.37 बजे, छपरा-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस (15053) 8.25 बजे और बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस (19037) सुबह नौ बजे गुजरी।

…डीआरएम के सामने ही खुल गईं क्लिपें
पेंड्रोल क्लिपों को ठोक-पीटकर दुरुस्त किया गया। इसके बाद डालीगंज स्टेशन पर खड़ी लखनऊ-बाराबंकी मेमू को रवाना किया। मौके पर डीआरएम व आरपीएफ कमांडेंट मौजूद थीं। जैसे ही ट्रेन गुजरी, डीआरएम के सामने ही क्लिपें फिर से खुल गईं। इसे ठीक करने को तत्काल गैंगमैन पहुंचे और उन्होंने क्लिपों को लगाकर ट्रेनों का संचालन सामान्य किया।

रेलवे की दलील, ट्रेनों के कंपन से खुलीं क्लिपें
पिछले बार पेंड्रोल क्लिपें गायब मिलने के बाद रेलवे ने क्लिपों में ग्रीसिंग व ऑयलिंग का काम प्राथमिकता पर शुरू करवाया था। वहीं, गुरुवार को अधिकारियों ने कहा कि ग्रीसिंग ज्यादा हो जाने से क्लिपें ढीली हो गईं थीं। जब इस पर से ट्रेनें गुजरीं तो उससे होने वाले कंपन से क्लिपें खुल गईं। इतना ही नहीं स्लीपर में लगने वाला लाइनर भी खराब हो गया था।

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