एक साल में कई बार मनाया जाता है ‘भंडारा फेस्टिवल’

आज (16 अप्रैल 2018) को महाराष्ट्र के जेजुरी में भंडारा फेस्टिवल मनाया जा रहा है. सोमवती उत्सव को भंडारा फेस्टिवल के नाम से भी पहचाना जाता है. यह त्यौहार खासकर महारष्ट्र के जेजुरी में मनाया जाता हैं. इस त्यौहार में लोग हल्दी का इस्तेमाल करते हैं. इस दिन जेजुरी में सभी जगह हल्दी की बौछारें उड़ाई जाती है. सोमवती उत्सव को सबसे अलग उत्सव कहा जाता है इस दिन लोग गोल्डन टर्मरिक पाउडर को आसमान में उड़ाते है और उसी में भीगते हैं. जिनकी नई-नई शादी होती हैं वे लोग खासकर इस उत्सव में आते हैं साथ ही यहाँ आने के बाद यहाँ के मंदिर में अपनी शादी को सेलिब्रेट करते हैं.

कहा जाता हैं कि जेजुरी के खंडोबा मंदिर में भगवान के पास जननक्षमता की शक्ति होती हैं इस वजह से जिन कपल्स को बच्चा नहीं होता या जो नए कपल्स होते हैं वो यहाँ आशीर्वाद लेने जरूर आते हैं. जेजुरी में दो बहुत ही मशहुर मंदिर है पहला पर्वत के पास है तो दूसरा जहां पर सोमवती उत्सव मनाया जाता है.

सोमवती उत्सव यहाँ का सबसे अलग और शानदार त्यौहार माना जाता हैं जहां सभी लोग धूमधाम से मस्ती करते हैं और गोल्डन रंग में रंग जाते हैं. हर साल इस उत्सव में लाखो लोग शामिल होते हैं. यहाँ का जो खंडोबा मंदिर है वहां सबसे पहले पूजा होती है उसके बाद गोल्डन हल्दी से पुरे शहर को रंग दिया जाता हैं.

आप सभी को बता दें कि जेजुरी को Sonyachi Jejuri नाम से भी जाना जाता है जिसका मतलब होता है गोल्डन जेजुरी, इस वजह से यहाँ आज के दिन खंडोबा मंदिर में पूजा कर हल्दी उड़ाई जाती हैं. इस उत्सव को मनाने की कोई फिक्स डेट या सीजन नहीं होता है यह एक साल में कई बार मनाया जाता है. इसे मनाने के लिए सबसे ख़ास दिन सोमवती आमवस्या को माना जाता है. जेजुरी के खंडोबा मंदिर में कई धर्म के लोग इस उत्सव को एन्जॉय करते हैं.

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