एन.एस.जी., सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी को पोलैंड का समर्थन

पोलैंड ने परमाणु आपूर्तिकत्र्ता समूह (एन.एस.जी.) की सदस्यता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को अपना समर्थन दिया है। भारत और पोलैंड ने आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक समझौते को जल्द लागू किए जाने की जरूरत बताई। भारत ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उसका समर्थन करने के लिए पोलैंड का आभार भी व्यक्त किया। दोनों देशों ने आज कृषि, खनन, खाद्य प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर बल दिया तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और पोलैंड की प्रधानमंत्री बिएता सिज्डोल की मौजूदगी में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। भारत की तरफ से लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री गिरिराज सिंह और पोलैंड के कृषि मंत्री सिस्ट्राफ यूरग्येल ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एन.एस.जी. तथा एम.टी.आर. मुद्दों पर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए पोलैंड का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दशकों से भारत और पोलैंड के संबंध अच्छी गति से बढ़ रहे हैं। पोलैंड की प्रधानमंत्री के साथ मेरी आज की बातचीत फलदायक रही है और हमने अपने रिश्तों पर विस्तार से चर्चा की।’’

उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा, ‘‘गतिशील लोकतंत्र के तौर पर हम आतंकवाद के अभिशाप के खिलाफ एक व्यापक और सैद्धांतिक रुख अख्तियार करने की जरूरत का विचार भी सांझा करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र वैश्विक समझौते को जल्द आत्मसात करने की जरूरत पर भी सहमत हैं।’’ उन्होंने कहा कि पोलैंड के विभिन्न शहरों में भारतीय सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन किया जाएगा। वहीं पोलैंड की प्रधानमंत्री बिएता सिज्डोल ने कहा कि हम भारत के प्रभाव में वृद्धि और प्रगति की सराहना करते हैं। हम दोनों देश विभिन्न मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय पटल पर सहयोग कर रहे हैं तथा निश्चित तौर पर आर्थिक सहयोग इसका महत्वपूर्ण आयाम है। 

आर्मेनिया में भारत की संस्कृति और बालीवुड लोकप्रिय
आर्मेनिया की येरेवान यूनीवर्सिटी के आई.सी.टी. सैंटर में भारतीय भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं। उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक कार्यक्रम के दौरान यहां के छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान वहां मौजूद एक हिन्दी टीचर ने बताया कि आर्मेनिया में भारत की संस्कृति, वेशभूषा और बालीवुड बहुत लोकप्रिय है। यहां के लोगों को हिंदी के दशकों पुराने गाने याद हैं और वे इन्हें बहुत पसंद करते हैं। 

आर्मेनियन और हिंदी के कई शब्द मिलते-जुलते 
आर्मेनिया की भाषा आर्मेनियन और हिंदी के कई शब्द मिलते-जुलते हैं। जैसे हिंदी में हम 4 को ‘चार’ बोलते हैं और आर्मेनिया के लोग उसे ‘चोर्स’ कहते हैं, इसी तरह 8 को हिंदी में ‘आठ’ और आर्मेनियाई भाषा में ‘ओठ’ बोला जाता है। यैस को दोनों जगह हां बोला जाता है। पनीर और पठान का उच्चारण भी लगभग एक जैसा है।

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