एयर इंडिया विनिवेश की प्रक्रिया को मिलेगी गति

एयर इंडिया के विनिवेश मामले में प्रगति होने की संभावना है.अगले पंद्रह दिवसों में सरकार संभावित खरीदारों से निविदाएं बुला सकती है.सरकार एयर इण्डिया को बेचने के लिए कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि एयर इंडिया को खरीदने के लिए केवल गंभीर कंपनियां ही आगे आएं, इसके लिए सरकार ने न्यूनतम नेटवर्थ की सीमा को 1000 करोड़ से बढ़ाकर 5000 करोड़ रुपये कर दिया है.एयर इंडिया विनिवेश की प्रक्रिया को मिलेगी गतिइस बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयर इंडिया के विनिवेश के लिए गठित मंत्रिसमूह की दो दिन पहले हुई बैठक में 15 दिनों के भीतर निविदाएं आमंत्रित करने के बारे में सहमति बन गई है, हालाँकि अभी तिथि तय नहीं की गई है.पहले चरण में मूल एयर इंडिया के साथ इसके पूर्ण स्वामित्व वाली एयर इंडिया चार्टर और किफायती सर्विस कैरियर एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी इकाइयों को बिक्री के लिए पेश किया जाएगा.जबकि बाद के चरणों में एयर इंडिया ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, होटल कॉरपोरेशन तथा एयर इंडिया एलाइड सर्विसेज का क्रम आएगा.

खास बात यह है कि हर एक के लिए अलग से रूचि अनुसार बोलियां लगाई जाएंगी. इस विधि से सरकार को अच्छी रकम मिलने की उम्मीद है.वित्तीय सलाहकारों के अनुसार सरकार को एयर इंडिया के विनिवेश से 70 हजार करोड़ रुपये तक की रकम मिल सकती है. एयर इंडिया पर 50 हजार करोड़ रुपये के भारी कर्ज को देखते हुए इस रकम को कम नहीं माना जा सकता है. बता दें कि अभी तक जिन देसी-विदेशी कंपनियों व एयरलाइनों ने एयर इंडिया को खरीदने में रुचि दिखाई है, उनमें टाटा समूह के अलावा इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख हैं.

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