एलजी ने नौ सलाहकारों को किया बर्खास्त

 दिल्ली में उप राज्यपाल अनिल बैजल और केजरीवाल सरकार में टकराव जारी है.इसका ताज़ा सबूत तब मिला जब आज मंगलवार को गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 9 सलाहकारों को पद से हटा दिया. जबकि दूसरी ओर आप सरकार ने इसे गलत बताया .नई दिल्ली : दिल्ली में उप राज्यपाल अनिल बैजल और केजरीवाल सरकार में टकराव जारी है.इसका ताज़ा सबूत तब मिला जब आज मंगलवार को गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 9 सलाहकारों को पद से हटा दिया. जबकि दूसरी ओर आप सरकार ने इसे गलत बताया .  बता दें कि आज मंगलवार को दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 9 सलाहकारों को पद से हटा दिया. हटाए गए लोगों में शिक्षा सलाहकार आतिशी मार्लेना और मीडिया सलाहकार अरुणोदय प्रकाश का नाम भी शामिल बताया जा रहा है.उपराज्यपाल के अनुसार यह नियुक्तियां बिना गृह मंत्रालय की मंजूरी के की गई थी इसलिए इन्हें हटाया गया.जबकि दूसरी ओर आप के राघव चड्डा ने ट्विटर पर सीएम के सचिव के हस्ताक्षर की हुई पोस्ट की जिसमें उनको सलाहकार बनाने से पहले अनुमति ली गई थी. केजरीवाल सरकार ने तीन साल बाद इन नियुक्तियों को रद्द करने को गलत बताया. उन्होंने इसे सरकार के काम में बाधा पहुंचाना माना.  इसके पूर्व एक अन्य मामले में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने ई-पीओएस सिस्टम पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया. बता दें कि ओटीपी के जरिए राशन बिक्री में गड़बड़ी मिलने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी. जिसके तहत यह कार्रवाई की गई. यही नहीं उपराज्यपाल ने इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराने का भी फैसला किया. दिल्ली सरकार का यह राशन घोटाला बहुत सुर्ख़ियों में रहा.

बता दें कि आज मंगलवार को दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के 9 सलाहकारों को पद से हटा दिया. हटाए गए लोगों में शिक्षा सलाहकार आतिशी मार्लेना और मीडिया सलाहकार अरुणोदय प्रकाश का नाम भी शामिल बताया जा रहा है.उपराज्यपाल के अनुसार यह नियुक्तियां बिना गृह मंत्रालय की मंजूरी के की गई थी इसलिए इन्हें हटाया गया.जबकि दूसरी ओर आप के राघव चड्डा ने ट्विटर पर सीएम के सचिव के हस्ताक्षर की हुई पोस्ट की जिसमें उनको सलाहकार बनाने से पहले अनुमति ली गई थी. केजरीवाल सरकार ने तीन साल बाद इन नियुक्तियों को रद्द करने को गलत बताया. उन्होंने इसे सरकार के काम में बाधा पहुंचाना माना.

इसके पूर्व एक अन्य मामले में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने ई-पीओएस सिस्टम पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया. बता दें कि ओटीपी के जरिए राशन बिक्री में गड़बड़ी मिलने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी. जिसके तहत यह कार्रवाई की गई. यही नहीं उपराज्यपाल ने इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराने का भी फैसला किया. दिल्ली सरकार का यह राशन घोटाला बहुत सुर्ख़ियों में रहा.

You May Also Like

English News