एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव

1. सबसे पहले सूर्योदय होता है यहां :एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांवसिर्फ 5 हजार रुपये में घूम सकते हैं इन 5 जगहों पर, जाइए जरुर…

म्‍यांमार और चीन के बार्डर पर बसा एक गांव है। जिसका नाम ‘डोंग’ है। इस गांव की आबादी काफी कम है। लेकिन यकीन मानिए भारत में सबसे पहला सूर्योदय यहां के लोग ही देखते हैं। डोंग में सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर सूर्य उदय हो जाता है और शाम के 4 बजकर 30 मिनट पर अस्‍त। 

कैसे पहुंचे : अरुणाचल प्रदेश के तेजू से 200 किमी दूर। आप बस या निजी वाहन से यहां आसानी से जा सकते हैं।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव2. एशिया का सबसे स्‍वच्‍छ गांव :

मावलांग भारतीय राज्य मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले का एक गांव है। मावलांग को इसकी स्वच्छता के लिए जाना जाता है। यहाँ बेकार सामान को बाँस से बने कचरा पात्रों में डाला जाता है और इसको एक गड्डे में डालकर उसकी खाद तैयार की जाती है। 2003 में इस गाँव को एशिया में और साल 2005 में भारत का सबसे स्वच्छ गांव घोषित किया गया।

कैसे पहुंचे : शिलोंग से भारत-बांग्लादेश सीमा की ओर 90 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। आप बस या टैक्‍सी से जा सकते हैं।

एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव3. सबसे सुरक्षित गांव :

महाराष्‍ट्र के शनि शिगणापुर गांव को सबसे सुरक्षित माना जाता है। दरअसल यहां लोग अपने घरों और दुकानों में न तो दरवाजा लगाते हैं और न ही कोई ताला। स्‍थानीय मान्‍यताओं के अनुसार भगवान शनि इनकी रक्षा करते हैं।

कैसे पहुंचे : शिरडी से आप सड़क मार्ग द्वारा यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव4. सबसे शिक्षित गांव :

उत्‍तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्‍िथत धोरा गांव काफी पढ़ा-लिखा माना जाता है। यह सबसे शिक्षित गांवों की सूची में टॉप पर है। यहां पर करीब इंग्‍लिश मीडियम स्‍कूल हैं। यहां का शिक्षा दर करीब 75 परसेंट है।

कैसे पहुंचे : अलीगढ़ से आप सीधे गांव के लिए बस पकड़ सकते हैं।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव5. सूर्य की रोशनी से जगमगाता गांव :

30 साल तक अंधेरे में जीता रहा बिहार का धरनाई गांव आज पूरी तरह से सोलर पैनल पर निर्भर है। यहां बिजली के लिए कोई खंड़ा नहीं लगा। सिर्फ और सिर्फ सोलर एनर्जी से पूरा गांव रात में जगमगाता है। यहां पर सोलर पावर्ड माइक्रो ग्रिड लगा है जो 24 घंटे बिजली मुहैया कराता है।

कैसे पहुंचें : बिहार के गया से 26 किमी दूर स्‍िथत है यह गांव। एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव6. सबसे ज्‍यादा हाईटेक गांव :

गुजरात का पुंसारी गांव काफी हाईटेक है। यहां आपको एसी से लेकर वाई-फाई ऑप्‍टिक फाइबर बिलबोर्ड और मिनी बस ट्रांसपोर्ट सबकुछ मिलेगा। यहां हर खंभे पर सीसीटीवी कैमरा लगे हुए हैं।

कैसे पहुंचें : अहमदाबाद से 74 किमी दूर स्‍थित है यह गांव। यहां से सबसे नजदीकी रेलवे स्‍टेशन धंसुरा है।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव7. सबसे अमीर गांव :

महाराष्‍ट्र के अहमदाबाद में हिवरे बाजार नाम का एक गांव है। जहां एक दो नहीं बल्‍िक 60 करोड़पति रहते हैं। यहां शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जो गरीबी रेखा से नीचे आता है। 

कैसे पहुंचें : अहमदनगर से करीब 20 किमी दूर।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव8. पहला ग्रीन विलेज :

नागालैंड का खोनोमा गांव सबसे हरा-भरा है। यहां आपको चारों तरफ हरियाली मिलेगी। इसे भारत का पहला ग्रीन विलेज भी कहते हैं। यहां पर पेड़ों को काटना सख्‍त मना है। 

कैसे पहुंचें : दीमापुर से आप सड़क और हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं। यह कोहिमा से करीब 20 किमी दूर पड़ता है।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव9. यहां होता है गांवों वाला ओलंपिक :

पंजाब के लुधियाना में एक गांव है जिसका नाम किला रायपुर है। यहां पर बहुत बड़ा स्‍पोर्ट्स फेस्‍टिवल होता है। जिसे भारतीय गांवों का ओलिंपक भी कहा जाता है। यह फरवरी के महीने में आयोजित किया जाता है, जोकि तीन दिनों तक चलता है।

कैसे पहुंचें : लुधियाना से 15 किमी दूर सड़क मार्ग द्वारा।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव10. एक लड़की के जन्‍म पर 111 पेड़ :

राजस्‍थान में एक पिपलांतरी गांव है जहां की प्रथा काफी अनोखी है। यहां पर एक लड़की के जन्‍म पर 111 पेड़ लगाए जाते हैं। 

कैसे पहुंचें : उदयपुर से 64 किमी दूर पड़ता है यह गांव।एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव तो कोई हाईटेक गांव: घूमने जाएं भारत के ये 10 अनोखे गांव

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