एसटीएफ के हत्थे चढ़ा International वन्यजीव तस्कर एसटीएफ !

लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने मध्य प्रदेश एटीएफ की मदद से International वन्य जीव तस्कर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। आरोपी कछुओं की तस्करी करता था और उनको विदेश में भेजने का काम करता था। पकड़े गये आरोपी को एमपी एसटीएफ अपने साथ ले गयी है। एयरपोर्ट पर सेटिंग से विदेश भेजते थे कछुआ।

एसटीएफ के एडिशन एसपी अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि मध्य प्रदेश एसटीएफ की फारेस्ट इकाई ने एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह से एक वन्यजीव तस्कर इरफान की गिरफ्तारी के संबंध में मदद मांगी थी।

इसके बाद एसटीएफ की टीम ने वन्य जीव तस्कर कोलकता निवासी इरफान के बारे में सारी जानकारी एकत्र की। 20 मार्च को यूपी एसटीएफ ने अंतर्राष्टï्रीय वन्यजीव तस्कर अजय को 23 लाल तिलकधारी कुछओं के साथ गिरफ्तार किया था। अजय सिंह से पूछताछ के दौरान इरफान का नाम निकल कर सामने आया था।

एसटीएफ की टीम ने 25 जनवरी की रात विभूतिखण्ड के होटल रंजीश के पास से वन्यजीव तस्कर कोलकता निवासी इरफान को गिरतार किया। एसटीएफ ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया।

पूछताछ मेें इरफान ने किये कई खुलासे
पकड़े गये आरोपी इरफान से जब एसटीएफ की टीम ने पूछताछ की तो उसने बताया कि अपने एक बचपन के साथी विनोद का नाम बताया। विनोद ने अपने फुफेरे भाई शम्भू से मिलवाया जो पेट्स का काम करता है और चेन्नई में रहता है जिसके दो भाई मनी वारन, मनी वन्न्न हैं तीनो भाई मिलकर काम करते हैं। एक बार शम्भू कछुआ लाते समय कोलकाता एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया जहां इरफान ने उसकी मदद की और लगभग एक सप्ताह बाद शम्भू छूट गया।

उसके बाद शम्भू ने इरफान को तारक घोष से मिलवाया जो पश्चिम बंगाल का है। तारक घोष की उम्र लगभग 50 वर्ष है जो कछुए की तस्करी का काम करता है। फिर इरफान को तारक ने 20000 की नौकरी पर रखा जहां इरफान का काम था कि कोलकाता से तारक के मााल को (कछुए) को चेन्नई भेजना।

चेन्नई से शम्भू अपने कैरियर भेजता था फिर इरफान कछुओं को अच्छे से पैक कर के ट्रेन से कछुओं को कैरियर के साथ चेन्नई भेजता था। शम्भू कछुओ को हवाई जहाज के माध्यम से मलेशिया, हॉगकांग, इण्डोनेषिया, जापान आदि जगहों पर भेजता था। शम्भू, मनी वरन, मनी वन्नन तीनों मिल कर कछुआ तस्कारी का काम करते हैं। मुख्य रूप से मनी वन्नन इन्टरनेशनल मार्केट में डील करता है।

जब तक चेन्नई एयरपोर्ट पर इन लोगो की सेटिंग थी तब तक माल निकलता रहा पर एक बार किसी कारण वष चेन्नई एयरपोर्ट पर माल पकड़ा गया जिस कारण माल का इन्टरनेशनल मार्केट में जाना बन्द हो गया और कोलकाता से चेन्नई जाना बन्द हो गया। इसके बाद इन लोगों ने गया एयरपोर्ट बिहार से माल बैंकाक भेजना शुरू किया गया एयरपोर्ट लगभग 6 माह के लिए (अक्टूबर से फरवरी तक) खुलता है इसी दौरान माल बैंकाक में भी पकड़ लिया गया।

फिर तारक ने शम्भू को बताया कि मेरा एक जानने वाला है जिसका नाम अजीज उर्फ आकाश है जो बंागलादेश में रहता है। इसके पास यह माल बार्डर पार कराकर, ढाका एयरपोर्ट से इन्टरनेशनल मार्केट में जाता है। हम लोग सेटिंग से माल को बार्डर पार करा देते है। इस तरह से यह कछुओं की तस्कारी का कार्य चल रहा है।

इरफान ने बताया कि कछुओं की सबसे ज्यादा सप्लाई उत्तर प्रदेश से है जो कलकत्ता तथा चेन्नई से देश से बाहर भेजा जाता है इसमें बहुत से अन्तर्राष्ट्रीय तस्कर हैं जिन्होने करोड़ों रूपयें की अकूत सम्पत्ति कछुओं के तस्करी के व्यापार से तैयार कर ली है। यह लोग चेन्नई व कोलकाता एयरपोर्ट पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कछुओं को बाहर भेजते हैं।

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