एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के बाद दलितों पर हिंसा बढ़ी है: बीजेपी सांसद

नार्थ-वेस्ट दिल्ली से भाजपा सांसद दलितों पर हो रही हिंसा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी को कमजोर किया है तब से ही दलितों के खिलाफ हिंसा की खबरें बढ़ी है. उदित राज ने इसके साथ ही हाल ही मोदी सरकार के 10 संयुक्त सचिव स्तर के पदों पर निजी क्षेत्र के लोगों को नियुक्त करने वाले आदेश पर भी अपनी ही सरकार से आरक्षण देने की मांग की है. नार्थ-वेस्ट दिल्ली से भाजपा सांसद दलितों पर हो रही हिंसा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी को कमजोर किया है तब से ही दलितों के खिलाफ हिंसा की खबरें बढ़ी है. उदित राज ने इसके साथ ही हाल ही मोदी सरकार के 10 संयुक्त सचिव स्तर के पदों पर निजी क्षेत्र के लोगों को नियुक्त करने वाले आदेश पर भी अपनी ही सरकार से आरक्षण देने की मांग की है.    सांसद उदित राज ने कहा कि "यह बात सही है कि ऐसी (हिंसा) की घटनाएं बढ़ी हैं. एससी/एसटी समुदाय के खिलाफ रोज़ ऐसा हो रहा है क्योंकि अब किसी के मन में कोई डर नहीं रह गया है." इसके साथ ही न्यायपालिका को लेकर अपने बयान में उदित राज ने कहा कि "न्यायपालिका की वजह से अत्याचार और बढ़े हैं. इस समय दलितों में ज्यादा नाराज़गी न्यायपालिका के खिलाफ है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट में आरक्षण दिए जाने की ज़रूरत है"  उदित राज ने 17 जून को गैर-राजनीतिक संगठन ऑल इंडिया कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गेनाईजेशन के कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई है. बता दें, उदित राज इस संस्था के अध्यक्ष भी है. वहीं भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण को भी तुरंत रिहा करने को लेकर उन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से मांग की है. चंद्रशेखर रावण पिछले एक साल से जेल में बंद है.

 सांसद उदित राज ने कहा कि “यह बात सही है कि ऐसी (हिंसा) की घटनाएं बढ़ी हैं. एससी/एसटी समुदाय के खिलाफ रोज़ ऐसा हो रहा है क्योंकि अब किसी के मन में कोई डर नहीं रह गया है.” इसके साथ ही न्यायपालिका को लेकर अपने बयान में उदित राज ने कहा कि “न्यायपालिका की वजह से अत्याचार और बढ़े हैं. इस समय दलितों में ज्यादा नाराज़गी न्यायपालिका के खिलाफ है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट में आरक्षण दिए जाने की ज़रूरत है”

उदित राज ने 17 जून को गैर-राजनीतिक संगठन ऑल इंडिया कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गेनाईजेशन के कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई है. बता दें, उदित राज इस संस्था के अध्यक्ष भी है. वहीं भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण को भी तुरंत रिहा करने को लेकर उन्होंने अपनी पार्टी की सरकार से मांग की है. चंद्रशेखर रावण पिछले एक साल से जेल में बंद है.

 

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