कपिल मिश्रा उपराज्यपाल से मिलने पहुंचे, सौंपे दिल्ली सरकार के कथित घोटालों के दस्तावेज

पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने उपराज्यपाल से दिल्ली सरकार के कथित दवाई खरीद, एंबुलेंस खरीद और ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले की जांच कराने की मांग की है। मिश्रा इस संबंध में सोमवार को राजनिवास  पहुंचे और उपराज्यपाल से मिलकर कथित घोटाले संबधित दस्तावेज उन्हें दिए।कपिल मिश्रा उपराज्यपाल से मिलने पहुंचे, सौंपे दिल्ली सरकार के कथित घोटालों के दस्तावेज

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उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि एंबुलेंस, दवा और ट्रांसफर- पोस्टिंग घोटाले को लेकर उपराज्यपाल को शिकायत दी है। उपराज्यपाल ने इस पूरे मामले की जांच एन्टी करप्शन विभाग से कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने उपराज्यपाल को इस बात की भी जानकारी दी कि 3 जून को वे दिल्ली सरकार के घोटालों से संबधित दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे। कांस्टीट्यूशन क्लब में घोटाले को लेकर एक प्रदर्शनी भी लगाएंगे। 

मिश्रा ने कहा कि शिकायत का ही नतीजा है कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने  घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंन यह भी बताया कि प्रदर्शनी में जनता के सामने जब वह सबूत रखेंगे तो उस दिन फैसला होगा कि पार्टी कौन चलाएगा और नहीं चलाएगा। आम आदमी पार्टी जनता के द्वारा बनाई गई पार्टी है। जनता ही तय करेगी कि इस पार्टी को कौन चलाएगा। 

मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल के पंजाब दौरे  पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में विधानसभा से लेकर हर चुनाव में टिकट बेचने का धंधा चल रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता पैसा लेकर टिकट बेचते है। उत्तर प्रदेश में इंटरनल सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि मैंने खुद वहां का आंतरिक सर्वे देखा है जिसमें बताया गया था कि वहां संगठन नहीं है। चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। 

आप ने मिश्रा-बैजल की मुलाकात पर उठाए सवाल
केजरीवाल और स‌िसोद‌िया
उधर पूर्व जलमंत्री कपिल मिश्रा व दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की मुलाकात पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि उन्हें उपराज्यपाल मिलने का वक्त नहीं दे रहे है, लेकिन कपिल की बात को अहमियत दी जा रही है। भारद्वाज ने इसे लेकर कई ट्वीट भी किए है। ट्वीट में लिखा कि  17 हजार अतिथि शिक्षिक लंबे समय से उपराज्यपाल से मिलने का समय मांग रहे है, लेकिन उनके लिए उपराज्यपाल व्यस्त हैं। 

व्यंग्य करने के अंदाजा में ट्वीट किया है कि मुझे विश्वास है कि उपराज्यपाल व्यस्त होंगे। साथ ही कहा है कि मैं और मेरी पार्टी के कई विधायक एमसीडी के काम-काज को लेकर कई पत्र उपराज्यपाल को लिख चुके हैं, लेकिन आज तक उन्हें मिलने का वक्त नहीं मिला। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि आखिर वह कौन हैं जो पार्टी से निष्कासित किए गए विधायकंो को कागजात उपलब्ध करा रहा है और कौन साजिश रच रहा है।

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