कराची में क्रेन से छतों पर पहुंचाये जा रहे हैं कुर्बानी के बकरे

बकरीद मनाने की तैयारियां पाकिस्तान में भी जोर शोर से चल रही हैं। एेसे में कुछ एेसे लोग हैं जो अपने घरों में कुर्बानी के लिए बकरे लाना चाहते हैं, पर कर्इ मालों की ऊंची इमारतों में रहते हैं अब उनके लिए इन्हें अपने घरों में पहुंचाना बड़ी समस्या है। एेसे लोगों के लिए पाक के बड़े शहर कराची के लोगों ने अनोखा उदाहरण सामने रखा है। इन लोगों ने क्रेन से इन्हें लिफ्ट करके अपने फ्लैट में पहुंचाने की व्यवस्था की है। ये इंतजाम अब बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।बकरीद मनाने की तैयारियां पाकिस्तान में भी जोर शोर से चल रही हैं। एेसे में कुछ एेसे लोग हैं जो अपने घरों में कुर्बानी के लिए बकरे लाना चाहते हैं, पर कर्इ मालों की ऊंची इमारतों में रहते हैं अब उनके लिए इन्हें अपने घरों में पहुंचाना बड़ी समस्या है। एेसे लोगों के लिए पाक के बड़े शहर कराची के लोगों ने अनोखा उदाहरण सामने रखा है। इन लोगों ने क्रेन से इन्हें लिफ्ट करके अपने फ्लैट में पहुंचाने की व्यवस्था की है। ये इंतजाम अब बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।  कैसा है इंतजाम   कुछ दिन पहले कराची की एक चार मंजिला इमारत में एक शख्स ने क्रेन की सहायता से अपने घर पर बकरे के बच्चे को नीचे से ऊपर पहुंचवाया। सैय्यद एजाज अहमद नाम के इस व्यक्ति का मानना है  कि बजाय इसके कि वो एक बड़ा बकरा खरीद कर कुर्बान करें, उन्हें बच्चे को पाल कर बड़ा करना ज्यादा सुविधाजनक आैर सस्ता पड़ता है। बहरहाल अपने लिए इकाॅनामिकल पशु की तलाश में अपनायी गयी इस तकनीक का उन्हें कितना फायदा होगा ये तो वही जानें पर घर में बकरा आराम से आ जाये इसके लिए ये तरीका लोगों को बेहद पसंद आया। अब स्कार्इ स्क्रैपर में रहने वाले लोग आराम से अपना काम कर पा रहे हैं।    वोट दो आैर मुफ्त खाना खाआे यह भी पढ़ें कल है बकरीद   ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद भी कहते हैं इस्लाम धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। ये पर्व रमजान के पाक महीने के करीब 70 दिनों बाद आता है। इस बार ये पर्व 22 अगस्त 2018 को पड़ रहा है।

कैसा है इंतजाम 

कुछ दिन पहले कराची की एक चार मंजिला इमारत में एक शख्स ने क्रेन की सहायता से अपने घर पर बकरे के बच्चे को नीचे से ऊपर पहुंचवाया। सैय्यद एजाज अहमद नाम के इस व्यक्ति का मानना है  कि बजाय इसके कि वो एक बड़ा बकरा खरीद कर कुर्बान करें, उन्हें बच्चे को पाल कर बड़ा करना ज्यादा सुविधाजनक आैर सस्ता पड़ता है। बहरहाल अपने लिए इकाॅनामिकल पशु की तलाश में अपनायी गयी इस तकनीक का उन्हें कितना फायदा होगा ये तो वही जानें पर घर में बकरा आराम से आ जाये इसके लिए ये तरीका लोगों को बेहद पसंद आया। अब स्कार्इ स्क्रैपर में रहने वाले लोग आराम से अपना काम कर पा रहे हैं। 

कल है बकरीद 

ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद भी कहते हैं इस्लाम धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। ये पर्व रमजान के पाक महीने के करीब 70 दिनों बाद आता है। इस बार ये पर्व 22 अगस्त 2018 को पड़ रहा है।

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