कर्नाटक चुनाव LIVE: 11 बजे तक 24% वोटिंग, कुंबले के अलावा श्रीश्री ने भी डाला वोट

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। राज्य के 55,600 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। कर्नाटक में 222 विधानसभा सीटों के लिए 4.96 करोड़ मतदाता अलग-अलग पार्टियों के कुल 2600 उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला करेंगे। इस बीच पूर्व क्रिकेटर अनील कुंबले और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया।कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। राज्य के 55,600 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। कर्नाटक में 222 विधानसभा सीटों के लिए 4.96 करोड़ मतदाता अलग-अलग पार्टियों के कुल 2600 उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला करेंगे। इस बीच पूर्व क्रिकेटर अनील कुंबले और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया।  मतदान शुरू होने के बाद सुबह 9 बजे तक 10.3 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी हासन जिले के होलेनरसीपुरा के बूथ नंबर 244 पर जाकर अपनी पत्नी के साथ मतदान किया। वोट डालने के बाद बाहर आए देवगौड़ा ने कहा कि हमें सरकार बनाने की संभावना नजर आ रही है।  इससे पहले मतदान शुरू होते ही सदानंद गौड़ा ने पुत्तुर में जबकि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदयुरप्पा ने शिकारपुर में अपना वोट डाला।    वोट डालने पहुंचे देवगौड़ा  वोट डालने से पहले येदयुरप्पा ने मंदिर में जाकर पूजा कि और इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि 'राज्य में लोग सिद्धारमैया सरकार से तंग आ चुके हैं। मैं लोगों से वर्तमान सरकार के खिलाफ वोट करने की अपील करता हूं। मैं राज्य में लोगों को अच्छी सरकार दूंगा।'    येदयुरप्पा ने किया मतदान    राज्य में शांति और निष्पक्षता से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने भारी तैयारियां की हैं। इसके लिए 3.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इस बार एक मोबाइल ऐप के जरिए पहली बार मतदाता मतदान केंद्रों पर कतार की स्थिति के बारे में भी जान पाएंगे।  राज्य में 1985 के बाद से कोई पार्टी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीत पाई है। 1985 में रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व में जनता पार्टी दोबारा चुनाव जीतकर सत्ता में आई थी। उसके बाद से हर चुनाव में सरकार बदलती रही है।  सिद्दरमैया के लिए आखिरी मौके तक लड़ाई  कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान से एक दिन पहले तक जंग जारी रही। यह किसी से छिपा नहीं है कि कर्नाटक में कांग्रेस का चेहरा और मुख्यमंत्री सिद्दरमैया जिन दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं वहां भी चुनौती तगड़ी है। ऐसे में मतदान से पहले ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग पहुंचकर बादामी सीट से भाजपा प्रत्याशी श्रीरामुलु की उम्मीदवारी खारिज करने की मांग की। कारण बनाया गया उस स्टिंग को जो आठ साल पुराना है।  गौरतलब है कि उस स्टिंग में श्रीरामुलू और कर्नाटक के दागी नेता रेड्डी ब्रदर्स के बीच बातचीत दिखायी गयी थी और कथित रूप से जज को रिश्वत देने की बात कही गई थी। हालांकि उस स्टिंग के प्रसारण पर रोक लग गई है। कांग्रेस के केंद्रीय नेता कपिल सिब्बल, रणदीप सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाकर रोक हटाने और श्रीरामुलू के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामले चुनाव लड़ने से रोकने के लिए पर्याप्त हैं। कांग्रेस ने इसके अलावा कर्नाटक में कुछ स्थानीय टीवी चैनेलों में दिखाए जा रहे चुनाव से जुड़े विज्ञापनों को पार्टी के खिलाफ बताया और तुरंत इसके प्रसारण पर रोक की भी मांग की।  ध्यान रहे कि कांग्रेस का पूरा दम सिद्दरमैया पर है। श्रीरामुलू मजबूत उम्मीदवार माने जाते हैं। बादामी का जातिगत आंकड़ा भी सिद्दरमैया के लिए बहुत आसान नहीं है। जबकि चामुंडेश्वरी जैसी दूसरी सीट जहां से सिद्दरमैया भाग्य आजमा रहे हैं वह जदएस का मजबूत गढ़ माना जाता है। हालांकि सिद्दरमैया वहां से पहले एक बार चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन वह बहुत छोटी जीत थी।

मतदान शुरू होने के बाद सुबह 9 बजे तक 10.3 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी हासन जिले के होलेनरसीपुरा के बूथ नंबर 244 पर जाकर अपनी पत्नी के साथ मतदान किया। वोट डालने के बाद बाहर आए देवगौड़ा ने कहा कि हमें सरकार बनाने की संभावना नजर आ रही है।

इससे पहले मतदान शुरू होते ही सदानंद गौड़ा ने पुत्तुर में जबकि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदयुरप्पा ने शिकारपुर में अपना वोट डाला।

वोट डालने पहुंचे देवगौड़ा

वोट डालने से पहले येदयुरप्पा ने मंदिर में जाकर पूजा कि और इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि ‘राज्य में लोग सिद्धारमैया सरकार से तंग आ चुके हैं। मैं लोगों से वर्तमान सरकार के खिलाफ वोट करने की अपील करता हूं। मैं राज्य में लोगों को अच्छी सरकार दूंगा।’

येदयुरप्पा ने किया मतदान

राज्य में शांति और निष्पक्षता से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने भारी तैयारियां की हैं। इसके लिए 3.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इस बार एक मोबाइल ऐप के जरिए पहली बार मतदाता मतदान केंद्रों पर कतार की स्थिति के बारे में भी जान पाएंगे।

राज्य में 1985 के बाद से कोई पार्टी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीत पाई है। 1985 में रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व में जनता पार्टी दोबारा चुनाव जीतकर सत्ता में आई थी। उसके बाद से हर चुनाव में सरकार बदलती रही है।

सिद्दरमैया के लिए आखिरी मौके तक लड़ाई

कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान से एक दिन पहले तक जंग जारी रही। यह किसी से छिपा नहीं है कि कर्नाटक में कांग्रेस का चेहरा और मुख्यमंत्री सिद्दरमैया जिन दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं वहां भी चुनौती तगड़ी है। ऐसे में मतदान से पहले ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग पहुंचकर बादामी सीट से भाजपा प्रत्याशी श्रीरामुलु की उम्मीदवारी खारिज करने की मांग की। कारण बनाया गया उस स्टिंग को जो आठ साल पुराना है।

गौरतलब है कि उस स्टिंग में श्रीरामुलू और कर्नाटक के दागी नेता रेड्डी ब्रदर्स के बीच बातचीत दिखायी गयी थी और कथित रूप से जज को रिश्वत देने की बात कही गई थी। हालांकि उस स्टिंग के प्रसारण पर रोक लग गई है। कांग्रेस के केंद्रीय नेता कपिल सिब्बल, रणदीप सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाकर रोक हटाने और श्रीरामुलू के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामले चुनाव लड़ने से रोकने के लिए पर्याप्त हैं। कांग्रेस ने इसके अलावा कर्नाटक में कुछ स्थानीय टीवी चैनेलों में दिखाए जा रहे चुनाव से जुड़े विज्ञापनों को पार्टी के खिलाफ बताया और तुरंत इसके प्रसारण पर रोक की भी मांग की।

ध्यान रहे कि कांग्रेस का पूरा दम सिद्दरमैया पर है। श्रीरामुलू मजबूत उम्मीदवार माने जाते हैं। बादामी का जातिगत आंकड़ा भी सिद्दरमैया के लिए बहुत आसान नहीं है। जबकि चामुंडेश्वरी जैसी दूसरी सीट जहां से सिद्दरमैया भाग्य आजमा रहे हैं वह जदएस का मजबूत गढ़ माना जाता है। हालांकि सिद्दरमैया वहां से पहले एक बार चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन वह बहुत छोटी जीत थी।

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