कर्नाटक विधानसभा की मौजूदा सूरत

 यूँ तो चुनाव से पहले हर पार्टी आपराधिक छवि के लोगों को टिकट नहीं देने की बात करती है , लेकिन जब नामांकन भरने का समय आता है तो उस बात को भूलकर दागी लोगों को टिकट दे दिया जाता है. यही हाल कर्नाटक राज्य का है. चूँकि कर्नाटक की 224 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव आगामी 12 मई को मतदान होगा. नतीजे 15 मई को आएँगे. फिलहाल कर्नाटक विधानसभा चुनाव की शक्ल कैसी है इस पर नज़र डालते हैं.नई दिल्ली : यूँ तो चुनाव से पहले हर पार्टी आपराधिक छवि के लोगों को टिकट नहीं देने की बात करती है , लेकिन जब नामांकन भरने का समय आता है तो उस बात को भूलकर दागी लोगों को टिकट दे दिया जाता है. यही हाल कर्नाटक राज्य का है. चूँकि कर्नाटक की 224 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव आगामी 12 मई को मतदान होगा. नतीजे 15 मई को आएँगे. फिलहाल कर्नाटक विधानसभा चुनाव की शक्ल कैसी है इस पर नज़र डालते हैं.  आपको बता दें कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास फिलहाल 122 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा 40 विधायकों के साथ दूसरे और जेडीएस 35 सीटें लेकर तीसरे नंबर पर है.चुनाव सुधार करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट पर भरोसा करें, तो 224 में से 207 विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि अपराधीकरण को लेकर सभी पार्टियां बड़ी-बड़ी बातें जरूर करती हैं, लेकिन वे इसके प्रति गंभीर नहीं है . यह बात रिकार्ड खुद बता रहा है.  68 विधायक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.जबकि 35 विधायकों ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि उनके खिलाफ गंभीर प्रवृत्ति के अपराध के मामले दर्ज हैं.गंभीर प्रवृत्ति के अपराध वे होते हैं, जिनमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है.इनमें गैर-जमानती अपराध, चुनाव संबंधी अपराध, हत्या, अपहरण, बलात्कार और भ्रष्टाचार शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि यदि पार्टी अनुसार बताएं तो 114 में से 36 कांग्रेस विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि भाजपा के 40 में से 13 विधायकों पर ऐसे मामले दर्ज हैं. जनता दल के 11 यानी पर आपराधिक मामले चल रहे हैं.गंभीर श्रेणी के अपराधों में 17 ऐसे विधायक कांग्रेस के हैं.जबकि गंभीर प्रवृत्ति के अपराधिक रिकॉर्ड वाले 8 विधायक भाजपा और जेडीएस के 5 विधायक हैं. यह तो हुई बाहुबल की बात .  अब जानिए धनबल की बात. 207 में से 193 विधायक करोड़पति हैं. सबसे ज्यादा 109 करोड़पति विधायक सत्तारूढ़ कांग्रेस में हैं. मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा में 36 और जेडीएस में 33 विधायक करोड़पति हैं. अन्य पार्टियों और निर्दलीयों में भी करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या कम नहीं है.108 विधायकों की संपत्ति 5 करोड़ से ज्यादा है. कुल 52 की संपत्ति 2 से 5 करोड़ के बीच और 45 की संपत्ति 50 लाख से 2 करोड़ के बीच है.कर्नाटक विधानसभा में गरीब विधायक तो कोई नहीं है , लेकिन कांग्रेस के एचपी राजेश 7 लाख की संपत्ति के साथ सबसे कम संपत्ति वाले विधायक हैं. कांग्रेस विधायक प्रियाकृष्णा 910 करोड़ की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं.

आपको बता दें कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास फिलहाल 122 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा 40 विधायकों के साथ दूसरे और जेडीएस 35 सीटें लेकर तीसरे नंबर पर है.चुनाव सुधार करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट पर भरोसा करें, तो 224 में से 207 विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि अपराधीकरण को लेकर सभी पार्टियां बड़ी-बड़ी बातें जरूर करती हैं, लेकिन वे इसके प्रति गंभीर नहीं है . यह बात रिकार्ड खुद बता रहा है.

68 विधायक के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.जबकि 35 विधायकों ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि उनके खिलाफ गंभीर प्रवृत्ति के अपराध के मामले दर्ज हैं.गंभीर प्रवृत्ति के अपराध वे होते हैं, जिनमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है.इनमें गैर-जमानती अपराध, चुनाव संबंधी अपराध, हत्या, अपहरण, बलात्कार और भ्रष्टाचार शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि यदि पार्टी अनुसार बताएं तो 114 में से 36 कांग्रेस विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि भाजपा के 40 में से 13 विधायकों पर ऐसे मामले दर्ज हैं. जनता दल के 11 यानी पर आपराधिक मामले चल रहे हैं.गंभीर श्रेणी के अपराधों में 17 ऐसे विधायक कांग्रेस के हैं.जबकि गंभीर प्रवृत्ति के अपराधिक रिकॉर्ड वाले 8 विधायक भाजपा और जेडीएस के 5 विधायक हैं. यह तो हुई बाहुबल की बात .

अब जानिए धनबल की बात. 207 में से 193 विधायक करोड़पति हैं. सबसे ज्यादा 109 करोड़पति विधायक सत्तारूढ़ कांग्रेस में हैं. मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा में 36 और जेडीएस में 33 विधायक करोड़पति हैं. अन्य पार्टियों और निर्दलीयों में भी करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या कम नहीं है.108 विधायकों की संपत्ति 5 करोड़ से ज्यादा है. कुल 52 की संपत्ति 2 से 5 करोड़ के बीच और 45 की संपत्ति 50 लाख से 2 करोड़ के बीच है.कर्नाटक विधानसभा में गरीब विधायक तो कोई नहीं है , लेकिन कांग्रेस के एचपी राजेश 7 लाख की संपत्ति के साथ सबसे कम संपत्ति वाले विधायक हैं. कांग्रेस विधायक प्रियाकृष्णा 910 करोड़ की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं.

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