कश्मीर के युवाओं को आतंक का पाठ पढ़ा रहे हैं ओवरग्राउंड वर्कर…

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने अपने साथ ओवरग्राउंड वर्करों का एक बड़ा नेटवर्क जोड़ लिया है, जिसको कश्मीर के कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों को आतंक का पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें वह काफी हद तक सफल होते भी दिख रहे हैं। ताजा मामला बनिहाल में एसएसबी की पोस्ट पर हुआ आतंकी हमला है।कश्मीर के युवाओं को आतंक का पाठ पढ़ा रहे हैं ओवरग्राउंड वर्कर...
हमले में शामिल आतंकियों को कश्मीर के ओवर ग्राउंड वर्कर ने चाइनीज पिस्तौल मुहैया कराई थी। जिससे जवानों पर हमला किया गया। यह ओवरग्राउंड वर्कर कश्मीर के वेरीनाग का रहने वाला है। इस तरह से इस हमले की साजिश में अब चार लोगों के नाम जुड़ गए हैं। तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है, एक अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।

सूत्रों का कहना है कि ओवर ग्राउंड वर्कर कालेज में पढ़ने वाले उन छात्रों को आतंक का पाठ पढ़ा रहे हैं, जिनके परिवार का कभी आतंक से ताल्लुक रहा हो। ऐसे छात्रों को भड़का कर उनको आतंकी बनाया जा रहा है। ओजी वर्कर पहले इन युवाओं की प्रोफाइल टटोलते हैं।

फिर इनसे सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करते हैं। इसके बाद इन युवाओं को पैसों की अच्छी खासी आफर दी जाती है। इन सभी झांसों में कुछ छात्र फंस जाते हैं। जिनको हमलों में शामिल किया जाता है। अभी कुछ दिन पहले पुलिस ने कश्मीर से तीन ओजी वर्करों को दबोचा था।

 
घाटी में शुरू हुआ है हमलों का नया ट्रेंड

युवा आतंकियों को हमलों के लिए उकसाना। फिर उनको इस तरह के हथियार मुहैया कराना, जिन्हें कहीं ले जाने में ज्यादा परेशानी न हो। ऐसा ट्रेंड भी ओजी वर्करों ने शुरू किया है। बनिहाल हमले में भी आतंकी हमला पिस्तौल से किया गया।

आमतौर पर आतंकी हमले में ग्रेनेड, एके 47 और आईआईडी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह हमला पिस्तौल से किया गया। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि इनको ट्रेनिंग नहीं देनी पड़ती। अमूमन युवा आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए उस पार भेजा जाता है। ट्रेनिंग देने के बाद वापस भेज दिया जाता है।   

 

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