कहीं आप भी गलत तरीके से तो नहीं चार्ज करते रहे हैं फोन, यहां पढ़ें सही तरीका

 ज्यादातर लोग अपने फोन को इतने लंबे समय से गलत तरीके से चार्ज करते आ रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि चार्जिंग के बारे में जो बातें बताई जा रही हैं, वे फोन की बैट्री को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं। कहीं, आप भी तो इन सुनी-सुनाई बातों के आधार पर अपने फोन की बैट्री को बर्बाद नहीं कर रहे हैं।मल्टीमीडिया डेस्क। ज्यादातर लोग अपने फोन को इतने लंबे समय से गलत तरीके से चार्ज करते आ रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि चार्जिंग के बारे में जो बातें बताई जा रही हैं, वे फोन की बैट्री को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं। कहीं, आप भी तो इन सुनी-सुनाई बातों के आधार पर अपने फोन की बैट्री को बर्बाद नहीं कर रहे हैं।  मिरर में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि कई लोग सोने जाने से पहले फोन को चार्जिंग में लगा देते हैं। फिर फोन रातभर चार्ज होने के लिए छोड़ देते हैं। मगर, इससे फोन की बैट्री को अधिक नुकसान हो सकता है। अधिकांश स्मार्टफोन, टैबलेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लिथियम-आयन बैटरी से चलाते हैं।  इसमें एनोड, कैथोड और एक रासायनिक इलेक्ट्रोलाइट होता है। जब फोन का इस्तेमाल किया जा रहा होता है, तो चार्ज पॉजिटिव कैथोड से इलेक्ट्रोलाइट में भेजा जाता है। वहीं, जब फोन को चार्ज किया जाता है, तो यह प्रक्रिया उल्टी हो जाती है।  कैडैक्स नाम की एक कंपनी है स्मार्टफोन और अन्य बैटरी का टेस्ट करने वाली डिवाइस मुहैया कराती है। यह बैटरी साइंस नाम की एक फ्री एजुकेशनल वेबसाइट चलाती है। इसमें फोन की बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं...  अपने फोन की बैटरी 65 से 75 परसेंट के बीच रखें।  अपने फोन को थोड़ा-थोड़ा और अक्सर चार्ज करें।  पूरी रात के लिए चार्जिंग पर फोन छोड़ना अच्छा नहीं है।  बैट्री को पूरा खाली नहीं करना चाहिए। 10 या 20 परसेंट होने पर इसे फिर से चार्ज करें।  फोन को 100 फीसद तक चार्ज करने से हाई वोल्टेज टेंशन होता है, जो खराब हो सकता है।

मिरर में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि कई लोग सोने जाने से पहले फोन को चार्जिंग में लगा देते हैं। फिर फोन रातभर चार्ज होने के लिए छोड़ देते हैं। मगर, इससे फोन की बैट्री को अधिक नुकसान हो सकता है। अधिकांश स्मार्टफोन, टैबलेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लिथियम-आयन बैटरी से चलाते हैं।

इसमें एनोड, कैथोड और एक रासायनिक इलेक्ट्रोलाइट होता है। जब फोन का इस्तेमाल किया जा रहा होता है, तो चार्ज पॉजिटिव कैथोड से इलेक्ट्रोलाइट में भेजा जाता है। वहीं, जब फोन को चार्ज किया जाता है, तो यह प्रक्रिया उल्टी हो जाती है।

कैडैक्स नाम की एक कंपनी है स्मार्टफोन और अन्य बैटरी का टेस्ट करने वाली डिवाइस मुहैया कराती है। यह बैटरी साइंस नाम की एक फ्री एजुकेशनल वेबसाइट चलाती है। इसमें फोन की बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं…

अपने फोन की बैटरी 65 से 75 परसेंट के बीच रखें।

अपने फोन को थोड़ा-थोड़ा और अक्सर चार्ज करें।

पूरी रात के लिए चार्जिंग पर फोन छोड़ना अच्छा नहीं है।

बैट्री को पूरा खाली नहीं करना चाहिए। 10 या 20 परसेंट होने पर इसे फिर से चार्ज करें।

फोन को 100 फीसद तक चार्ज करने से हाई वोल्टेज टेंशन होता है, जो खराब हो सकता है।

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