कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश, एक मार्च को माल्या से नहीं मिले थे जेटली

कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से उस दिन का ब्‍योरा दिया गया है जिसमें कहीं भी जेटली और माल्‍या के बीच मुलाकात की बात नहीं है। बता दें कि कांग्रेस नेता पीएल पुनिया के अनुसार, लंदन फरार होने से एक दिन पहले भगोड़े शराब व्‍यापारी व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के बीच संसद में 15 मिनट की बैठक हुई थी लेकिन भाजपा के सूत्रों का कहना है कि जेटली उस पूरे दिन संसद में नहीं थे, इसलिए माल्‍या के साथ बैठक की बात गलत है।

इस सप्‍ताह के शुरुआत में कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा था कि मैं संसद के सेंट्रल हॉल में था। मैंने कोने में जेटली और माल्‍या को बात करते देखा। 5-7 मिनटों बाद वे बेंच पर बैठ गए और बातचीत शुरू कर दी। माल्‍या केवल जेटली से मुलाकात करने आए थे। उन्‍होंने कहा, ‘यह मेरी चुनौती है। अगर आपको मैं गलत लगता हूं तो आप सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं। यदि मैं गलत हुआ तो इस्‍तीफा दे दूंगा।’

जेटली की डायरी से भाजपा ने मंगलवार, 1 मार्च 2016 के सभी इवेंट्स का सिलसिलेवार तरीके से विवरण दिया। उस दिन सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक अरुण जेटली ने भाजपा के संसदीय पार्टी मीटिंग में हिस्‍सा लिया इसके बाद वे संसद भवन गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक की।

इसके बाद वे सीधा राज्‍यसभा गए जहां वे सुबह 11.00 बजे से 11.45 तक थे। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि राज्‍यसभा से वे ठीक 11:47 am पर निकले और वहां से दो किमी दूर स्‍थित विज्ञान भवन गए। यहां उन्‍होंने एक समारोह में शिरकत की। इवेंट के वीडियो में जेटली का संबोधन दोपहर 1.08 बजे से 1.17 तक का है। वे वहां दोपहर दो बजे तक रहे। इसके बाद वे नार्थ ब्‍लॉक स्‍थित अपने कार्यालय गए। इस दौरान वे किसी भी वक्‍त संसद के सेंट्रल हॉल में नहीं थे जहां कथित शराब व्‍यापारी से उनकी मुलाकात होती।

अरुण जेटली ने विजय माल्‍या के उस संवेदनशील दावे को पूरी तरह खारिज किया जिसमें माल्‍या ने कहा है कि 2016 में भारत छोड़ने से पहले उसने अरुण जेटली से मुलाकात की थी। जेटली ने कहा कि 2014 में मंत्री बनने के बाद से उन्‍होंने कभी भी माल्‍या को मिलने के लिए अपॉइनमेंट नहीं दिया।

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