कांग्रेस खेमे में शोक की लहर, शांता राम नाइक और एलपी शाही का निधन

कांग्रेस खेमे में आज शोक की लहर है. पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं का निधन हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री एलपी शाही ने शनिवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में दम तोड़ा. वहीं, गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शांताराम नाइक की भी सुबह मौत हो गई.कांग्रेस खेमे में आज शोक की लहर है. पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं का निधन हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री एलपी शाही ने शनिवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में दम तोड़ा. वहीं, गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शांताराम नाइक की भी सुबह मौत हो गई.  गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राज्य सभा सांसद शांताराम नाइक का आज सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया. बेचैनी की शिकायत के बाद 72 साल के नाइक को मडगांव स्थित उनके आवास से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. सुबह सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा है  इस खबर से कांग्रेस में शोक की लहर है. कांग्रेस नेता गिरीश राय चोदानकर ने कहा, 'यह हमारे लिए चौंकाने वाली खबर है. उनके रूप में हमने एक मार्गदर्शक को खो दिया है. उन्होंने बड़ी तादाद में युवाओं को परामर्श देकर उन्हें कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था. हमारे लिए यह बड़ी क्षति है.'  शांताराम नाइक 1984 के आम चुनाव में लोकसभा के लिए चुने गए थे. उन्होंने गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की भी मांग की थी जो 1987 में पूरी हुई थी. वह 2005 से 2011 तथा 2011 से 2017 तक लगातार दो बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए थे.  वहीं, बिहार से आने वाले ललितेश्वर प्रसाद शाही कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं. 1980 में विधायक बनने के बाद वह 1984 में मुजफ्फरपुर सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे. कुछ दिन पहले ही उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. जिसके बाद आज 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.

गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राज्य सभा सांसद शांताराम नाइक का आज सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया. बेचैनी की शिकायत के बाद 72 साल के नाइक को मडगांव स्थित उनके आवास से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. सुबह सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा है

इस खबर से कांग्रेस में शोक की लहर है. कांग्रेस नेता गिरीश राय चोदानकर ने कहा, ‘यह हमारे लिए चौंकाने वाली खबर है. उनके रूप में हमने एक मार्गदर्शक को खो दिया है. उन्होंने बड़ी तादाद में युवाओं को परामर्श देकर उन्हें कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था. हमारे लिए यह बड़ी क्षति है.’

शांताराम नाइक 1984 के आम चुनाव में लोकसभा के लिए चुने गए थे. उन्होंने गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की भी मांग की थी जो 1987 में पूरी हुई थी. वह 2005 से 2011 तथा 2011 से 2017 तक लगातार दो बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए थे.

वहीं, बिहार से आने वाले ललितेश्वर प्रसाद शाही कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं. 1980 में विधायक बनने के बाद वह 1984 में मुजफ्फरपुर सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे. कुछ दिन पहले ही उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. जिसके बाद आज 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.

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