कांग्रेस ने जोर देकर मुझे सीएम बनाया….

कर्नाटक में सत्ता पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि कांग्रेस ने ही जोर देकर उन्हें सीएम बनाया है. उन्होंने बताया, ‘कांग्रेस चाहती थी कि मैं जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन का नेतृत्व करूं.’ कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने जब उनके पिता एचडी देवगौड़ा से संपर्क किया तो उन्होंने कांग्रेस को सीएम पद अपने पास रखने को कहा था.कर्नाटक में सत्ता पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि कांग्रेस ने ही जोर देकर उन्हें सीएम बनाया है. उन्होंने बताया, 'कांग्रेस चाहती थी कि मैं जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन का नेतृत्व करूं.' कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने जब उनके पिता एचडी देवगौड़ा से संपर्क किया तो उन्होंने कांग्रेस को सीएम पद अपने पास रखने को कहा था. कुमारस्वामी ने बताया, 'मेरे पिता ने कांग्रेस नेताओं को कहा कि मेरी दो बार हृदय की सर्जरी हो चुकी है और मेरा स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है. इस वजह से पिता ने कहा था कि सीएम का पद कांग्रेस खुद अपने पास रखे, लेकिन उन्होंने जोर दिया और मुझे सीएम बनाया.' उन्होंने यह भी कहा कि वह चरणबद्ध तरीके से सरकारी ऑफिसों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए दृढ़ निश्चयी हैं. उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचार को पूरी तरह हटाना मुश्किल काम है और अगर मैं इसे प्रयोग में लाता हूं तो अपना पद छोड़ दूंगा.' उन्होंने आगे कहा, 'मैं विधान सौंधा में मौजूद बिचौलियों की वजह से सरकार चलाने के अपने डर को साझा करना चाहता हूं. मैंने बिचौलियों के होने की आशंका सुनी थी जो अधिकारियों के तबादले के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग करते हैं. इन परिस्थतियों की वजह से कभी-कभी मैं सरकार चलाने को सोचते हुए डर जाता हूं.' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अपने इस डर को पिता से भी जाहिर किया था. इसके बाद ही मेरे पिता ने कांग्रेस नेताओं से हुई बातचीत को साझा किया था.' सीएम ने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए काम करने के अलावा उनकी कोई महत्वकांक्षा नहीं है. उन्होंने कहां, 'मैं पैसा नहीं कमाना चाहता हूं और न ही किसी चीज के लिए आकांक्षा रखता हूं. मुझे नहीं पता कि मैं कितना अधिक जी पाउंगा. हालांकि फिर भी मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया है, मैं सरकार चलाउंगा और अच्छी सरकार को सुनिश्चित करूंगा.'

कुमारस्वामी ने बताया, ‘मेरे पिता ने कांग्रेस नेताओं को कहा कि मेरी दो बार हृदय की सर्जरी हो चुकी है और मेरा स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है. इस वजह से पिता ने कहा था कि सीएम का पद कांग्रेस खुद अपने पास रखे, लेकिन उन्होंने जोर दिया और मुझे सीएम बनाया.’ उन्होंने यह भी कहा कि वह चरणबद्ध तरीके से सरकारी ऑफिसों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए दृढ़ निश्चयी हैं. उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार को पूरी तरह हटाना मुश्किल काम है और अगर मैं इसे प्रयोग में लाता हूं तो अपना पद छोड़ दूंगा.’   

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं विधान सौंधा में मौजूद बिचौलियों की वजह से सरकार चलाने के अपने डर को साझा करना चाहता हूं. मैंने बिचौलियों के होने की आशंका सुनी थी जो अधिकारियों के तबादले के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग करते हैं. इन परिस्थतियों की वजह से कभी-कभी मैं सरकार चलाने को सोचते हुए डर जाता हूं.’ 

उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने अपने इस डर को पिता से भी जाहिर किया था. इसके बाद ही मेरे पिता ने कांग्रेस नेताओं से हुई बातचीत को साझा किया था.’ सीएम ने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए काम करने के अलावा उनकी कोई महत्वकांक्षा नहीं है. उन्होंने कहां, ‘मैं पैसा नहीं कमाना चाहता हूं और न ही किसी चीज के लिए आकांक्षा रखता हूं. मुझे नहीं पता कि मैं कितना अधिक जी पाउंगा. हालांकि फिर भी मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया है, मैं सरकार चलाउंगा और अच्छी सरकार को सुनिश्चित करूंगा.’

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