कार्तिक पूर्णिमा में लाखों श्रद्धालुुओ ने लगाई आस्था की डुबकी

आज कार्तिक पूर्णिमा है। लोग पूरे देश में बड़े धूमधाम से मना रहे हैं। यह दिन भगवान विष्णु को अत्यधिक पसंद है। इस दिन आस्था से परिपूर्ण लाखों श्रद्धालुु गंगा और अन्य पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं।

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कार्तिक पूर्णिमा में लाखों श्रद्धालुुओ ने लगाई आस्था की डुबकी

कार्तिक पूर्णिमा

गंगा स्नान के लिए श्रद्धालु अलग-अलग शहरों में अपनी सहूलियत के हिसाब से रविवार की रात ही पहुंच गए थे। सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान-पुण्य का खास महत्व है।

धर्मशास्त्रों में इस मौके पर हरिहर क्षेत्र (सोनपुर) में पूजा व स्नान का विशेष महत्व दिया गया है। ज्योतिषियों और पंडितों ने पोथी-पतरों के हवाले से बताया है कि कार्तिक मास की इस पूर्णिमा पर ग्रह-गोचरों का खास संयोग बन रहा है। आचार्य विपेन्द्र झा माधव के मुताबिक सोमवार और कार्तिक मास की पूर्णिमा एक साथ होने से अमृत योग का संयोग बना है।

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चंद्र मास की पूर्ण तिथि पूर्णिमा है तो सोमवार चंद्रमा का भी दिन है। इसे शास्त्र अधिक फलदायी मानता है। खासकर कुंडली में चंद्रमा का दोष वाले लोगों को कार्तिक पूर्णिमा पर महादेव की पूजा, दान, शिवलिंग पर दूध ,आक-धतूर चढ़ाने और व्रत करने पर विशेष लाभ मिलेगा।

 ज्योतिषी पीके युग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर रूचक योग, दाम योग और उभयचर योग का खास संयोग बन रहा है।इन संयोगों के कारण सत्ता-शासन में पैनापन के साथ आम जनता के हित में नीतिगत फैसले लेने की उम्मीद बंध रही है। नक्सलियों पर पुलिस का शिकंजा कसेगा। आचार्य मार्कण्डेय शारदेय के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर ही तुलसी का अवतरण हुआ था। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं।

भगवान विष्णु ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही हरिहर क्षेत्र (सोनपुर) में गंडक नदी के किनारे ग्राह को मारकर अपने दो द्वारपालों को शापमुक्त कराया था। इसलिए इस दिन गंडक नदी में स्नान व हरिहरनाथ की पूजा का खास महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा पर ही कार्तिक मास स्नान, कल्पवास, भीष्म पंचक व्रत का समापन और मिथिला के प्रसिद्ध पर्व सामा-चकेबा का विसर्जन भी होगा।

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