अभी-अभी: कुमार विश्‍वास ने दिए आप छोड़ने के संकेत, केजरीवाल बोले-उम्मीद है मना लेंगे

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) में एकजुटता खत्म होने को है और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं। हालांकि अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि वो कुमार विश्वास को मना लेंगे।

कुमार विश्‍वास

इससे पहले ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान और कुमार विश्वास के बीच कलह इतना बढ़ गया कि कुमार ने मंगलवार को मीडिया के सामने भावुक होते हुए पार्टी छोड़ने तक का संकेत दे दिया।

उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। अपने 13 मिनट के वीडियो और साक्षात्कार को लेकर चल रहे विवाद पर कुमार विश्वास ने साफ कर दिया है कि वह माफी नहीं मांगेंगे।

उन्होंने वसुंधरा (गाजियाबाद) स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि राष्ट्र की बात करने पर कोई नाराज हुआ है तो होता रहे। मैं राष्ट्र और राष्ट्रीयता की बात करता रहूंगा। देश का मसला होगा तो जरूर बोलूंगा। मैंने वीडियो में जो कुछ कहा है, वह गलत नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक आदि का विरोध करना गलत कदम था।

अमानतुल्लाह को बताया मुखौटा

अमानतुल्लाह को पार्टी से नहीं निकाले जाने पर विश्वास ने नाराजगी जताई। कहा, मुझे भाजपा और आरएसएस का एजेंट कहने वाले अमानतुल्लाह ने यदि अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया के बारे में ऐसा कुछ कहा होता तो 10 मिनट में वह पार्टी से बाहर होते। रामविलास पासवान की पार्टी से आने वाले अमानतुल्लाह के पीछे कोई और है, वह सिर्फ एक मुखौटा हैं। उनके पीछे के लोगों के इशारे पर यह सब किया जा रहा है।

नहीं बनना सीएम, डिप्टी सीएम

अपनी बात रखते हुए कुमार विश्वास भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि जीवन में राजनीतिक पद लेने की इच्छा नहीं की। कोई राजनीतिक पद नहीं लूंगा।

मुझे न ही सीएम, डिप्टी सीएम और न ही आप का संयोजक बनना है। सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ही रहेंगे। मगर मैं आज रात फैसला लूंगा कि मुझे क्या करना है।

छह-सात साल पहले केजरीवाल, मैंने और सिसोदिया ने आंदोलन का सपना देखा था, लेकिन अब मुझ पर भी बयानबाजी करने के आरोप लग रहे हैं।

क्या बात भी न रखूं? पार्टी अपने कमजोर संगठन की वजह से हारी है। लगातार छह हार के बाद कार्यकर्ता हताश हुए हैं।

सिसोदिया ने बयानबाजी से बाज आने को कहा

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी मीडिया के सामने आकर विश्वास को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि कोई मसला है तो उसे व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा, अरविंद जी ने तीन तीन घंटे बैठकर बात की है। उनको पीएसी में बुलाया, वह पीएसी में नहीं आए। टीवी पर बयानबाजी कर रहे हैं।

टीवी पर बयान दे-देकर किस पार्टी को, किन लोगों को, किन ताकतों को किस तरह फायदा पहुंचाया जा रहा है, यह कार्यकर्ता समझ रहे हैं। मैं उनसे अपील करना चाहता हूं कि पार्टी के फोरम पर आएं।

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