केजरीवाल के खिलाफ कपिल मिश्रा ने किया आंदोलन, 3 जून को संविधान क्लब में सबूतों की प्रदर्शनी

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाने वाले कपिल मिश्रा अब उनके खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाले हैं. उन्होंने इसके लिए 3 जून के दिन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को राजधानी के संविधान क्लब में बुलाया है. मिश्रा ने आज पार्टी वर्कर्स के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि भ्रष्टाचारी चुप हैं लिहाजा अब जनता बोलेगी.केजरीवाल के खिलाफ कपिल मिश्रा ने किया आंदोलन, 3 जून को संविधान क्लब में सबूतों की प्रदर्शनीयह भी पढ़े: अभी-अभी: PM मोदी ने मन की बात में कही ये सबसे बड़ी बात, हिल गया पूरा देश…

मिश्रा की ‘क्लीन AAP’ मुहिम
मिश्रा का कहना था कि उन्होंने अपने कई साथियों से चर्चा की है और उनकी मुहिम में अन्ना आंदोलन और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कई लोग इकट्ठा हो रहे हैं. मिश्रा का दावा था कि मिस्ड कॉल करने की अपील के बाद से करीब 1 लाख लोग उनके साथ जुड़ चुके हैं. उन्होंने 3 जून को ही संविधान क्लब में केजरीवाल के खिलाफ जुटाए कथित भ्रष्टाचार के सबूतों की प्रदर्शनी लगाने का भी फैसला किया है.

उनकी मानें तो यहीं से तय होगा कि केजरीवाल सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए या फिर राइट टू रिकॉल जैसा कोई कदम उठाया जाए. मिश्रा का आरोप था कि आम आदमी पार्टी के नेता अब घोटालों के सबूतों पर बेशर्मी से हंसते हैं जबकि बेनामी संपति, हवाला और भ्रष्टाचार के दूसरे कामों में शामिल लोगों को ईमानदारी के सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं. मिश्रा ने कहा कि अब इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दूसरे चरण को शुरू करने का वक्त आ गया है.

केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल
मिश्रा ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में तीन घोटालों का पर्दाफाश किया है और इन घोटालों में केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के शामिल होने के सबूत दिए हैं. इसके बावजूद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया चुप हैं. उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ पुराने आरोपों को दोहराया और कहा कि पंजाब में गुरप्रीत घुग्गी भी महिलाओं के शोषण की शिकायत पर पार्टी छोड़कर जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री से नहीं निजी जंग
कपिल मिश्रा का कहना था कि केजरीवाल से उनकी निजी लड़ाई नहीं है. उनके मन में दिल्ली के सीएम के खिलाफ गुस्सा या बदले की भावना नहीं है और उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार और सदाचार की है.

अलग नेताओं के लिए अलग नियम
मिश्रा ने याद दिलाया कि केजरीवाल ने विधायक असीम अहमद खान को महज एक ऑडियो क्लिप की बिनाह पर हटा था. लेकिन सत्येंद्र जैन को वो सबूतों के बावजूद बचा रहे हैं.

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