केले को आप कम न समझे…

फलाहार नाम आते ही लोगों का ध्यान प्राय: महंगे फलों की ओर ही जाता हैं। कहा जाता है कि फलों का नियमित सेवन अच्छा तो है पर यह अमीरों के ही वश की बात है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि फलाहार हमारे सामान्य दैनिक भोजन का मुकाबला नहीं कर सकता। फलाहार से अपेक्षित शक्ति और सामर्थ्य भी प्राप्त नहीं की जा सकती। परन्तु ये बातें भ्रमपूर्ण हैं। सामान्यत: जो भोजन ग्रहण किया जाता है वह सही हो। साथ ही यह भी जरूरी नहीं कि वह पूरी तरह आसानी से पचने वाला भी हो। जो भोजन ठीक तरह पच नहीं पाता वह देर सबेर विषाक्त तत्वों को जन्म देता है और परिणामस्वरूप छोटे-बड़े रोग उत्पन्न होते हैं। अनेक गुणों, मूल्य और उपलब्धता देखते हुए केले जैसे फल के बारे में यह कहा जा सकता है कि वह एक किफायती और आदर्श फल है। 

आवश्यक पोषक तत्वों और ऊर्जा की दृष्टि से केला अन्य फलों से कहीं आगे है। इसमें सन्देह नहीं कि केले में मुख्य भोजन के गुण मौजूद हैं। प्राकृतिक जीवन के समर्थकों और विद्वानों के अनुसार केला ही एकमात्र ऐसा सर्वससुलभ फल है जिससे हम कम मूल्य में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं। दक्षिण भारत में केले को पर्याप्त महत्व प्राप्त है। अनेक स्थानों पर केलों की विभिन्न किस्में मिल जाती हैं। केले उबालकर खाने का भी चलन है। केले को घरों में और खाने की मेज पर पर्याप्त महत्व प्राप्त है। हर उम्र के लोग केले बड़े चाव से खाते हैं। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि केले के साथ हरी सब्जियों और मौसमी फलों को शामिल कर लिया जाए और उपयुक्त श्रम भी किया जाए तो रोग दूर भागेंगे और शरीर मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहेगा। केले से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।फलाहार नाम आते ही लोगों का ध्यान प्राय: महंगे फलों की ओर ही जाता हैं। 

कहा जाता है कि फलों का नियमित सेवन अच्छा तो है पर यह अमीरों के ही वश की बात है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि फलाहार हमारे सामान्य दैनिक भोजन का मुकाबला नहीं कर सकता। फलाहार से अपेक्षित शक्ति और सामर्थ्य भी प्राप्त नहीं की जा सकती। परन्तु ये बातें भ्रमपूर्ण हैं। सामान्यत: जो भोजन ग्रहण किया जाता है वह सही हो। साथ ही यह भी जरूरी नहीं कि वह पूरी तरह आसानी से पचने वाला भी हो। जो भोजन ठीक तरह पच नहीं पाता वह देर सबेर विषाक्त तत्वों को जन्म देता है और परिणामस्वरूप छोटे-बड़े रोग उत्पन्न होते हैं। अनेक गुणों, मूल्य और उपलब्धता देखते हुए केले जैसे फल के बारे में यह कहा जा सकता है कि वह एक किफायती और आदर्श फल है। आवश्यक पोषक तत्वों और ऊर्जा की दृष्टि से केला अन्य फलों से कहीं आगे है। इसमें सन्देह नहीं कि केले में मुख्य भोजन के गुण मौजूद हैं। 

प्राकृतिक जीवन के समर्थकों और विद्वानों के अनुसार केला ही एकमात्र ऐसा सर्वससुलभ फल है जिससे हम कम मूल्य में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं। दक्षिण भारत में केले को पर्याप्त महत्व प्राप्त है। अनेक स्थानों पर केलों की विभिन्न किस्में मिल जाती हैं। केले उबालकर खाने का भी चलन है। केले को घरों में और खाने की मेज पर पर्याप्त महत्व प्राप्त है। हर उम्र के लोग केले बड़े चाव से खाते हैं। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि केले के साथ हरी सब्जियों और मौसमी फलों को शामिल कर लिया जाए और उपयुक्त श्रम भी किया जाए तो रोग दूर भागेंगे और शरीर मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहेगा। केले से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

You May Also Like

English News