केशोरायपाटन में कांग्रेस-बीजेपी में कड़ी टक्कर

राजस्थान में चुनावी रणभेरी बज चुकी है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने गृह क्षेत्र और बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ हाड़ौती यानी कोटा संभाग में गौरव यात्रा के माध्यम से अपनी सरकार की उपलब्धियों का तमगा लेकर जनता के बीच हैं. तो वहीं कांग्रेस भी संकल्प यात्रा रैली के माध्यम से वसुंधरा सरकार की कमियों को उजागर करने में लगी है.

हाड़ौती क्षेत्र राजस्थान का वो इलाका है, जो हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में हाड़ौती के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले की 17 सीटों में से कांग्रेस को महज एक सीट पर संतोष करना पड़ा.

बूंदी जिले की तीन विधानसभा-हिंडोली, केशोरायपाटन और बूंदी सीट में दो पर बीजेपी और एक पर कांग्रेस का कब्जा है. केशोरायपाटन की बात करें तो यह केशव राय जी महाराज या भगवान विष्णु के मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है जो चम्बल नदी के तट पर स्थित है. केशोरायपाटन विधानसभा संख्या 185 अनुसूचित जाति के आरक्षित सीट है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 354506 है जिसका 75.73 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 24.27 प्रतिशत हिस्सा शहरी है. वहीं कुल आबादी का 19.89 फीसदी अनुसूचित जाति और 22.72 फीसदी अनुसूचित जनजाति है.     

2017 की वोटर लिस्ट के अनुसार केशोरायपाटन विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 230288 है और 297 पोलिंग बूथ हैं. साल 2013 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 73.5 फीसदी और 2014 के विधानसभा चुनाव में 61.82 फीसदी मतदान हुआ था.

2013 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बाबूलाल वर्मा ने कांग्रेस विधायक चुन्नीलाल उर्फ सी.एल. प्रेमी बैरवा को 12731 वोट से पराजित किया. बीजेपी के बाबूलाल वर्मा को 63293 और कांग्रेस के चुन्नीलाल को 50562 वोट मिले थें.

2008 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चुन्नीलाल उर्फ सी.एल. प्रेमी बैरवा ने बीजेपी के गोपाल पचेरवाल को 3416 वोटों से पराजित किया. कांग्रेस के चुन्नीलाल को 49047 और बीजेपी के गोपाल पचेरवाल को 45631 वोट मिले थें.

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