कोटला TEST: इस वजह से खास रहा विराट और चांडीमल के लिए यह मैच

टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच खेला जा रहा है। इस मैच में दोनों टीमों के कप्तानों ने अपने-अपने करियर का बेस्ट स्कोर बनाया साथ ही एक रिकॉर्ड भी बना डाला। यह रिकॉर्ड इससे पहले क्रिकेट इतिहास में पांच बार ही बना है। आइए जानते हैं क्या है वो रिकॉर्ड… कोटला TEST: इस वजह से खास रहा विराट और चांडीमल के लिए यह मैच

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए हुई टिम साउदी की हुई वापसी

टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 7 विकेट गंवाकर 537 रन बनाए। इसमें सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने 155 रन की पारी खेली तो विराट कोहली ने नागपुर टेस्ट के बाद एक और दोहरा शतक लगाया और वो 243 रन बनाकर आउट हुए।  

कोहली का यह बीते 18 महीनों में छठा दोहरा शतक था। अब भारतीय क्रिकेट इतिहास में वो क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के छह दोहरे शतकों की बराबरी कर चुके हैं। इसके अलावा वो बतौर कप्तान सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कप्तान और महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम था। 

 श्रीलंका ने टीम इंडिया के 537 रन के जवाब में 373 रन बनाए। लंका की ओर से एंजलो मैथ्यूज ने 111 रन की पारी खेली तो वहीं कप्तान दिनेश चांडीमल ने सबसे ज्यादा 164 रन बनाए। चांडीमल का यह उनके टेस्ट करियर का बेस्ट स्कोर रहा।
 चांडीमल का इससे पहले बेस्ट स्कोर भी टीम इंडिया के ही खिलाफ था, उन्होंने 12 अगस्त, 2015 को गॉल में 162 रन की नाबाद पारी खेली थी। इस तरह दोनों कप्तानों ने इस मैच में 150 रन से ज्यादा की पारी खेली और क्रिकेट इतिहास में रिकॉर्ड बना डाला। इससे पहले यह रिकॉर्ड पांच बार ही बना है, जब दोनों टीमों के कप्तानों ने एक ही मैच150 रन या इससे ज्यादा की पारी खेली हो। 

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